भोपाल, 12 जून (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल एवं अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत के मामले की शुरुआती जांच में कथित लापरवाही बरतने पर पुलिस विभाग ने एक उपनिरीक्षक (एसआई) पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई त्विषा के परिजनों द्वारा लगाए गए उन आरोपों के बाद की गई है, जिनमें कहा गया था कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में ढिलाई बरती।
त्विषा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला था।
भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कटारा हिल्स थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच में शुरुआती जांच के दौरान कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्त (जोन-2) विकास शेवाल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह जुर्माना लगाया।
हालांकि, कुमार ने कहा कि उपनिरीक्षक की यह चूक जानबूझकर नहीं थी और इससे मामले की जांच प्रभावित नहीं हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआई पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि किसी भी अप्राकृतिक मृत्यु के मामले में पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान उससे जुड़े सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र कर जांच अधिकारियों को सौंपे जाने चाहिए।
हालांकि, कथित तौर पर फंदा लगाने में इस्तेमाल की गई सामग्री पोस्टमार्टम के दो दिन बाद जमा कराई गई, जिसे जांच प्रक्रिया में त्रुटि माना गया।
पुलिस आयुक्त ने स्वीकार किया कि उपनिरीक्षक ने संबंधित सामग्री देर से जमा की थी, लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि यह पहली पोस्टमार्टम के बाद जमा की गई थी।
इस देरी का मुद्दा त्विषा के परिजनों ने भी उठाया था। उनका आरोप था कि शुरुआती पुलिस जांच में गंभीर खामियां थीं और मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और क्रूरता से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई।
भोपाल की एक अदालत ने पिछले सप्ताह समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दोनों फिलहाल भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं।
भाषा दिमो खारी
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