नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि 21 जून को दोबारा आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में गड़बड़ी करने या व्यवधान डालने या इसकी शुचिता से खिलवाड़ करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून की पूरी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह के साथ हुई एक बैठक में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने यह बात कही।
बैठक में सोमनाथन ने सभी चिकित्सा संस्थानों के स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट-यूजी से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक के दौरान सोमनाथन ने सभी संबंधित हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि दोबारा हो रही इस परीक्षा को सुचारु, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जाए।
एक बयान में कैबिनेट सचिव के हवाले से कहा गया, ‘‘केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन दोबारा आयोजित होने वाली नीट को सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए घनिष्ठ समन्वय में काम कर रहे हैं। पुनर्परीक्षा के सुचारु संचालन में किसी तरह की गड़बड़ी या बाधा उत्पन्न करने या इसकी निष्पक्षता से छेड़छाड़ करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।’’
सोमनाथन ने इससे पहले एक जून को केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के सचिवों के साथ व्यवस्था संबंधी समीक्षा की थी।
उन्होंने चार जून को राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों के साथ तैयारियों और व्यवस्थाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की।
इन बैठकों का उद्देश्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना, तैयारियों को मजबूत करना और पुनर्परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।
अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ और सीआईएसएफ को प्रश्न पत्रों के परिवहन के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा है।
इसके पहले नीट-यूजी का आयोजन तीन मई को किया गया था लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के कारण एनटीए ने इस परीक्षा को 12 मई को निरस्त कर दिया था। इस मामले में सीबीआई जांच जारी है और कुछ व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं।
भाषा संतोष पवनेश
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