अलप्पुझा, 12 जून (भाषा) अलाप्पुझा के विधायक ए. डी. थॉमस और पांच अन्य लोगों ने दावा किया है कि वर्ष 2023 में आयोजित ‘नव केरल सदास’ कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमला करने वालों में तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पूर्व सुरक्षाकर्मी शामिल थे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
थॉमस, युवा कांग्रेस नेता अजय जेवल जोस, हमले का वीडियो बनाने वाले जोजिमोन जोसेफ और तीन पुलिस गवाह साबू, संतोष और प्रदीप अपराध शाखा कार्यालय में पेश हुए।
पांचों आरोपी सुरक्षाकर्मी अनिल कुमार एस, संदीप एस, शैजू वी के, अरुण आर और विपिन वी वी भी वहां मौजूद थे।
थॉमस ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें एक कमरे में ले जाया गया जहां आरोपी और एसआईटी अधिकारी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमसे पूछा गया कि क्या इन्हीं लोगों ने हम पर हमला किया था और हमने उनकी पहचान की। जांच टीम ने इसे दर्ज कर लिया।’’
थॉमस ने अलप्पुझा जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा आरोपियों को अग्रिम जमानत दिए जाने पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘जांच को भटकाने की कोशिश हो रही है...।’’
जोसेफ ने पत्रकारों से कहा कि शुरुआती जांच में इस मामले में केवल दो आरोपी थे और हमले में इस्तेमाल की गई लाठी को बरामद करने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
यह मामला दिसंबर 2023 में अआप्पुझा में हुई एक घटना से जुड़ा है। उस समय ‘नव केरल सदास’ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत पिनराई विजयन और उनके मंत्री जिले के दौरे पर थे, तभी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत सरकार के विरोध में काला झंडा प्रदर्शन किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जब प्रदर्शनकारी विजयन की बस की ओर दौड़े, तो मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया। इस घटना में दो लोग घायल हुए, जिनमें थॉमस भी शामिल थे।
कांग्रेस नीत यूडीएफ के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने पहली कैबिनेट बैठक के बाद इस मामले की फिर से जांच के लिए एसआईटी गठन की घोषणा की। इसके बाद एसआईटी ने आरोपी कर्मियों पर गैर-इरादतन हत्या के प्रयास का गंभीर आरोप भी लगाया।
भाषा खारी रंजन
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