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न्यायालय में नटराजन की याचिका खारिज होने के बाद अब राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए: भाजपा

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर अपील को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने साफ कहा कि एक बार निर्वाचन अधिकारी द्वारा नामांकन रद्द हो जाने के बाद उम्मीदवार के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचता है, वह है निर्वाचन आयोग के पास जाना।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि इस पूरे मामले ने विपक्षी दल की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। उन्होंने राहुल गांधी पर ‘विक्टिम कार्ड’ (पीड़ित होने का खेल) खेलने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का अपना घर ठीक नहीं है और कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी के कारण ही उनकी पसंदीदा उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।

भंडारी ने यह आरोप भी लगाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार की हार का मार्ग प्रशस्त किया और उन्होंने गांधी पर बार-बार खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के भीतर की दरारें उजागर होने का दावा करते हुए भंडारी ने कहा, ‘‘एकमात्र सच यही है-कांग्रेस ने राहुल गांधी के राज्यसभा उम्मीदवार को खुद हराया।’’

भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने न्यायालय के फैसले को कांग्रेस के लिए ‘‘करारा तमाचा’’ बताया।

उन्होंने वीडियो बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। वे कहते थे कि निर्वाचन आयोग गलत है और सीट चुराने का आरोप लगाते थे। क्या अब वे यह भी कहेंगे कि यह फैसला भी चुरा लिया गया?’’

उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस और उसके समर्थकों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए। मीनाक्षी नटराजन ने अपने खिलाफ दर्ज मामले का ब्योरा क्यों नहीं दिया?’’

पूनावाला ने कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी को भी इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की तेलंगाना और मध्यप्रदेश इकाई के नेता राहुल गांधी की पसंदीदा उम्मीदवार को हराने के लिए एकजुट क्यों हो गए? कांग्रेस इतनी बुरी तरह क्यों बंटी हुई है? आत्मचिंतन के बजाय पार्टी दोषारोपण में लगी है।’’

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूनावाला ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ऐसे नेता नहीं हैं, जिन्हें लोग गंभीरता से लेते हों या जिनका अनुसरण करना चाहते हों। जब भी राहुल गांधी हारते हैं, कांग्रेस कहती है कि संविधान हार गया, संवैधानिक संस्थाएं विफल हो गईं और लोकतंत्र खतरे में है। भारत के खिलाफ यह विमर्श बंद होना चाहिए।’’

कांग्रेस ने 18 जून को निर्धारित राज्यसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, निर्वाचन अधिकारी संजय शर्मा ने मंगलवार को उनका नामांकन यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उन्होंने फॉर्म 26 में तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज एक अदालती शिकायत की जानकारी छिपाई।

शर्मा ने बृहस्पतिवार को भाजपा के तीनों उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को मध्यप्रदेश से निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया, जबकि नटराजन ने नामांकन रद्द होने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप