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सीआईसी ने आईजीएल पाइपलाइन की सुरक्षा से जुड़े आरटीआई जवाब को लेकर पीएनजीआरबी की खिंचाई की

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पश्चिमी दिल्ली के एक इलाके में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा किए गए गैस पाइपलाइन कार्यों से जुड़े सुरक्षा उपायों, निरीक्षणों और नियामकीय निगरानी की जानकारी मांगने के संबंध में दायर आरटीआई का उचित जवाब नहीं देने पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) को फटकार लगाई है।

आयोग ने कहा कि इस मामले में मांगी गई जानकारी के संबंध में पीएनजीआरबी की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं थी।

सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन में किराड़ी सुलेमान नगर के रमेश एनक्लेव में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के कार्य से संबंधित कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी, जिसमें सड़क खुदाई की अनुमति, पीएनजीआरबी द्वारा अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल, निरीक्षण रिपोर्ट, सड़क दुरुस्त करने की समयसीमा, सुरक्षा चूक के लिए ठेकेदारों के विरुद्ध की गई कार्रवाई और कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी शामिल थी।

सुनवाई के दौरान पीएनजीआरबी ने बताया कि उसने आईजीएल से जानकारी मांगी थी और प्राप्त जानकारी आवेदक को भेज दी थी।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने कहा कि उसने नियामक को उपलब्ध तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करा दी थी। साथ ही, यह भी अवगत कराया कि जवाब दिए जाने के समय कंपनी पर आरटीआई अधिनियम लागू होने का मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन था।

रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने पाया कि नियामक का जवाब अपर्याप्त था।

आदेश में कहा गया, “आयोग का मानना है कि अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई अधिकांश जानकारियां सीधे तौर पर पीएनजीआरबी से संबंधित हैं और ज्यादातर मामलों में इन सूचनाओं का संरक्षक भी पीएनजीआरबी ही है।”

इसमें कहा गया, ‘‘जिन बिंदुओं से संबंधित जानकारी स्वयं पीएनजीआरबी के पास उपलब्ध है, उनके लिए भी आईजीएल से जानकारी मांगना स्वीकार्य नहीं है।’’

सुधारात्मक कार्रवाई का निर्देश देते हुए आयोग ने पीएनजीआरबी को आदेश दिया कि वह एक संशोधित बिंदुवार समेकित जवाब दे, जिसमें उपलब्ध तथ्यात्मक जानकारी, प्रासंगिक दिशा-निर्देश, नियम और वेबसाइट लिंक शामिल हों।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि जहां जानकारी उपलब्ध न हो वहां तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट रूप से बताई जाए, अथवा यदि जानकारी देने से इनकार किया जा रहा हो तो आरटीआई अधिनियम के तहत संबंधित छूट का उल्लेख किया जाए।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप