नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हथियार तस्करी में शामिल दो अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करके छह कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार लोगों के पास से 26 अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, आठ कारतूस और हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में इस्तेमाल किए गए तीन वाहन बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आरोपी एक गिरोह का हिस्सा थे जो मध्य प्रदेश स्थित आपूर्तिकर्ताओं से अवैध हथियार खरीदते थे और उन्हें दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अपराधियों और गिरोह के सदस्यों को बेचते थे।
विशेष प्रकोष्ठ में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) नारा चैतन्य ने कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरोह के माध्यम से प्राप्त हथियार मंजीत महल, गोगी और रणदीप भाटी गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों को दिए जाने थे।’’
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान रवि कुमार (38), सुनील तंवर (33), योगेश (32), रजत उर्फ रज्जू (27), सौरभ (27) और निखिल (21) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, विशेष प्रकोष्ठ की एक टीम कई महीनों से मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के बीच सक्रिय हथियार तस्करों पर नज़र रख रही थी।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए, एक टीम ने 22 मई को ताहिरपुर में रवि कुमार और सुनील तंवर को रोका और उनके कब्जे से 15 अवैध पिस्तौल बरामद कीं।
जांच से पता चला कि तंवर के निर्देश पर रवि ने मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में एक तस्कर से कथित तौर पर हथियार की खेप खरीदी थी।
डीसीपी ने बताया कि इसके बाद की छापेमारी में 24 मई को द्वारका से योगेश की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने उसके वाहन में छिपाई गई एक भरी हुई पिस्तौल, पांच कारतूस और तीन अतिरिक्त पिस्तौल बरामद कीं।
अवैध हथियारों को प्राप्त करने वाले दो और लोगों रजत व सौरभ को 26 मई को लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पिस्तौल व कारतूस बरामद हुए।
अधिकारी ने कहा, ‘‘एक समानांतर अभियान में, टीम ने 22 मई को रोहिणी में एक हेलीपैड के पास निखिल को तब गिरफ्तार किया, जब वह कथित तौर पर अवैध हथियारों की खेप पहुंचाने का प्रयास कर रहा था। उसके पास से पांच पिस्तौल बरामद की गईं।'
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वे मध्य प्रदेश के बुरहानपुर और खरगोन जिलों में सक्रिय गिरोह के माध्यम से कई वर्षों से हथियार की खरीद-फरोख्त कर रहे थे।
गिरोह से जुड़े अतिरिक्त तस्करों और आपराधिक सहयोगियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा नोमान नोमान संतोष
संतोष