नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अमरनाथ यात्रा मार्ग और पर्यटन स्थलों पर शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर एक बहु-स्तरीय और अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाना चाहिए।
शाह ने तीन जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, निगरानी प्रणाली और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो (आईबी) प्रमुख तपन कुमार डेका और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
हिमालय पर्वतमाला में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिन की तीर्थयात्रा के लिए भारी सुरक्षा इंतजाम की जरूरत होती है, जिसमें केंद्र और जम्मू-कश्मीर की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं।
तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटे, लेकिन अधिक ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे।
शाह ने निर्देश दिया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और जानवरों का पंजीकरण किया जाए।
उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए जाएं और यात्रियों के पंजीकरण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तक हर पहलू पर उचित इंतजाम किए जाएं।
शाह ने कहा कि सीएपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को तीर्थयात्रा के दौरान शिविर स्थलों पर की गई व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के पंजीकरण, ठहरने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन समेत सभी जरूरी सुविधाओं के लिए उचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
शाह ने कहा कि मौसम की स्थितियों और पूर्वानुमान के अनुसार तीर्थयात्रियों के जत्थों को आगे भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा मार्ग के अलावा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए, ताकि तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा का आनंद ले सकें।
भाषा पारुल दिलीप
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