अहमदाबाद, 12 जून (भाषा) गुजरात के अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे को एक साल पूरा होने के बावजूद अजय परमार के जिस्म और जेहन पर लगे जख्म आज भी हरे हैं। वह जब भी ऊपर विमान को उड़ते देखते हैं, तो डर जाते हैं। अब भी आधी रात को अचानक खौफ से उनकी नींद टूट जाती है।
इस हादसे के बाद परमार (28) की नौकरी चली गई और शादी भी टूट गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल आज ही के दिन अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 दुर्घटनाग्रस्त हुई और मलबा मेघानीनगर छात्रावास परिसर में गिरा। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह दो पहिया वाहन पर सवार होकर घर जा रहे थे और अचानक उन्होंने खुद को जलते हुए मलबे के बीच पाया था।
मेघानीनगर निवासी परमार चिकित्सा महाविद्यालय छात्रावास परिसर में माली का काम करते थे और उनकी शादी महज एक महीने पहले ही हुई थी।
उन्होंने 12 जून 2025 के उस भयावह पल को याद कर बताया, ‘‘अचानक मुझे जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता, मैं आग की लपटों में घिर गया।’’
परमार ने बताया कि वह अपने वाहन को छोड़ वहां से भागे।
उन्होंने बताया, ‘‘आखिरी चीज जो मैंने देखी, वह थी मेरी मोटरसाइकिल जो आग की लपटों में घिरी थी। उसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं। मैं बेहोश होकर गिर पड़ा। कोई मुझे सिविल अस्पताल ले गया।’’
परमार ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसने की वजह से उनका दो महीने तक इलाज चला। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने सलाह दी कि उन्हें सीधी धूप में काम नहीं करना चाहिए, इसलिए माली की नौकरी छोड़नी पड़ी।
परमार ने बताया कि इसके बाद पत्नी छोड़कर चली गई क्योंकि मैं कोई नौकरी नहीं कर सकता था और झुलसने की वजह से मेरा रूप-रंग बदल गया था।
परमार ने बताया कि उन्होंने कार्यालयी नौकरी तलाश करने की कोशिश की, लेकिन वहां भेदभाव का शिकार होना पड़ा क्योंकि लोग झुलसे हुए शरीर के कारण उनसे दूरी बनाते। उन्होंने कहा, ‘‘वे झुलसने के कारण मेरे शरीर पर बने दागों को देखना नहीं चाहते थे।’’
परमार ने बताया कि उनकी मां घरेलू सहायिका का काम करती हैं और उसकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अब भी ऊपर से गुजरते हवाई जहाजों से डर लगता है। मैंने आग ही आग वाला वह भयानक मंजर देखा था, और कभी-कभी मैं रात में चौंककर जाग जाता हूं और दोबारा सो नहीं पाता।’’
भाषा धीरज पवनेश
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