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भारत अंतरिक्ष कांग्रेस : दिल्ली में जुटेंगी अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी दुनिया भर की हस्तियां

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में 15 जून से 17 जून के बीच आयोजित किये जा रहे ‘भारत अंतरिक्ष कांग्रेस’ (आईएससी)2026 में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के भविष्य पर चर्चा करने के लिए कई देशों के नीति निर्माता, राजनयिक और इस उद्योग की नामचीन हस्तियां जमा होंगी।

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसआईए)-इंडिया कर रहा है जिसमें 25 से अधिक देशों के 600 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे और इनमें से करीब 200 वक्ता और ‘मॉडरेटर’ होंगे।

इस कार्यक्रम में सरकारी एजेंसियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, निजी उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और रणनीतिक हितधारकों के प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।

आईएससी-2026 का आयोजन ऐसे समय किया जा रहा है जब वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 1000 अरब अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ रही है और भारत ने 2033 तक 44 अरब डॉलर की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।

एसएआई इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सुब्बा राव पावुलुरी ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत के 44 अरब डॉलर की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भरोसेमंद नियम, मजबूत मांग, जोखिम साझा करने योग्य प्रणाली, उद्योग और अनुसंधानकर्ताओं के बीच बेहतर सहयोग और लंबे समय के लिए विकास पूंजी की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए आईएससी- 2026 में होने वाली चर्चाएं केवल प्रौद्योगिकी और नीति के बारे में नहीं हैं, बल्कि ये एक ऐसी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की नींव रखने के बारे में हैं, जो निवेश आकर्षित करने, बाजार बनाने और लंबे समय तक आर्थिक लाभ पहुंचाने में सक्षम हो।’’

इस साल ‘अंतरिक्ष की नई कल्पना, सहयोग का नया रूप और अंतरिक्ष के अगले दौर को साकार करना’ आईएससी का मुख्य विषय है।

इस सम्मेलन में 60 से अधिक सत्र, रणनीतिक चर्चा, कार्यशाला और नेतृत्व पर पर चर्चाएं होंगी।

आईएससी-2026 के दौरान होने वाली चर्चाएं मुख्य तौर पर उपग्रह संचार, डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी, पृथ्वी अवलोकन, जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस, प्रक्षेपण प्रणाली, कक्षा में ही सेवाएं, नौवहन, अंतरिक्ष रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम मेधा, अंतरिक्ष सतता, विनिर्माण, निवेश, नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग विषयों पर होंगे।

भाषा धीरज माधव

माधव