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जीटीबी अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर 23 बेरोजगारों को ठगने के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पूर्वी दिल्ली के गुरु तेगबहादुर (जीटीबी) अस्पताल में अनुबंध पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 से ज़्यादा बेरोज़गार युवाओं से लगभग साढ़े पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है जिसे नौ जून को शाहदरा के जीटीबी एन्क्लेव से गिरफ्तार किया गया है। वह बार-बार स्थान बदल कर पुलिस को चकमा दे रहा था।

पुलिस ने कहा कि नर्सिंग में बीएससी डिग्री धारक मनीष को कथित तौर पर जुआ खेलने की आदत है जिस कारण उस पर कर्ज हो गया । उन देनदारियों को चुकाने के लिए, उसने बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर निशाना बनाते हुए उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की।

पुलिस के अनुसार, मामला कृष्ण पाल और 22 अन्य पीड़ितों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उनका आरोप था कि मनीष ने उन्हें अनुबंध के आधार पर जीटीबी अस्पताल में ‘डेटा एंट्री ऑपरेटर’ और नर्सिंग सहायक के पद पर नौकरी देने का वादा किया था जिसका मासिक वेतन लगभग 21,000 रुपये था।

ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रवि कुमार सिंह ने कहा कि उनका विश्वास हासिल करने के लिए, आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया कि उसके पिता जीटीबी अस्पताल में एक वरिष्ठ पद पर हैं, और उनके अस्पताल प्रशासन के भीतर मजबूत संबंध हैं, जिससे वह नियुक्तियां कर सकते हैं।

उसकी बातों पर भरोसा करके, पीड़ितों ने उसे अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य निजी दस्तावेज सौंप दिए। इसके बाद, कथित भर्ती प्रक्रिया के लिए सुरक्षा जमा के तौर पर उसने हर पीड़ित से 20,000 से 25,000 रुपये लिए।

पुलिस ने बताया कि आरोपी पीड़ितों को भरोसा दिलाता रहा कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है और बाद में उसने दावा किया कि नौकरियों पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई है। उसने कथित तौर पर वादा किया था कि 45 दिनों के अंदर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे।

जांच के दौरान, जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों ने पुलिस से पुष्टि की कि उस समय नर्सिंग सहायक या ‘डेटा एंट्री ऑपरेटर’ के पदों के लिए कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही थी। अस्पताल ने यह भी कहा कि उसने नौकरी के मामले में मनीष या किसी अन्य व्यक्ति को अपनी ओर से अधिकृत नहीं किया था।

जांचकर्ताओं को पता चला कि उसने कथित तौर पर शिकायतकर्ताओं से लगभग 5.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव