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अमित शाह कुछ भी कर लें, लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकते: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस में बगावत की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को कहा कि गृह मंत्री अमित शाह कुछ भी कर लें, लेकिन लोकसभा में सत्तापक्ष दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकता, जो महिला आरक्षण एवं परिसीमन संबधी संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए जरूरी है।

मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि उसके साथ तृणमूल कांग्रेस विलय के दावे वाली खबरें कोरी अफवाह और निराधार हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने टीएमसी में बगावत और मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने से से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोकतंत्र को खत्म करने के लिए ‘डबल इंजन’ है। एक इंजन ‘वोट चोरी’ और दूसरी सीट चोरी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह डबल इंजन लोकतंत्र और संविधान को खतरे में डाल रहा है।

रमेश ने कहा, ‘‘गृह मंत्री कुछ भी कर लें, इस लोकसभा में उन्हें दो तिहाई बहुमत नहीं मिलेगा। मै समझता हूं कि राज्यसभा में भी दो तिहाई बहुमत नहीं मिलेगा।’’

उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक को बीते बजट सत्र में पारित करने से रोकने में सफल हुई विपक्षी एकजुटता का हवाला दिया और दावा किया कि उस समय में अमित शाह के ‘अहंकार’ को पराजित किया गया था।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उनकी पार्टी में टीएमसी के विलय के दावे वाली खबरों को अफवाह और निराधार करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ अफवाह है। हमारे संचार मामलों के प्रभारी (जयराम रमेश) ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि विलय की बात निराधार है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से नियमित बातचीत की। यह एक तरह से ‘इंडिया’ गठबंधन से जुड़ी चर्चा का विस्तार था क्योंकि हर कोई इस गठबंधन को मजबूत करना चाहता है।’’

जयराम रमेश ने कहा कि विलय संबंधी बातें सिर्फ अफवाह हैं।

भाषा हक हक रंजन

रंजन