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भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं, नेपाल से बदला रुख

(शिरीष बी. प्रधान)

काठमांडू, 11 जून (भाषा) नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर अपना रुख बदलते हुए कहा कि इन पर कोई प्रतिबंध नहीं है और मांग के अनुरूप तथा कुछ नियमों के तहत नेपाल के बाजारों में इन फलों के प्रवेश की अनुमति दी गई है।

यह स्पष्टीकरण उन खबरों के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिनमें नेपाल के अधिकारियों ने कहा था कि सरकार ने अत्यधिक कीटनाशक वाले भारतीय आमों के आयात को सीमित कर दिया है और सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर मधेश प्रांत में ‘क्वारंटीन’ सुविधाओं की कमी के कारण यह कदम उठाया गया है।

कृषि, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भारत से आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

मंत्रालय के अधीन ‘प्लांट क्वारंटीन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर’ ने कहा कि विभिन्न मीडिया और सोशल मीडिया मंचों पर भारतीय आमों पर प्रतिबंध संबंधी खबरें आने के बाद इस मामले पर उसका ध्यान गया।

इसने कहा कि उसने भारत से आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। कुछ नियमों के तहत मांग के आधार पर नेपाल के बाजारों में इन फलों के प्रवेश की अनुमति दी गई है।

कुछ दिन पहले मधेश प्रांत के भिट्टामोड़ ‘क्वारंटीन’ जांच चौकी पर भारत से आए आमों की एक बड़ी खेप को फलों में हानिकारक कीटों की आशंका के कारण रोक दिया गया था।

मधेश प्रांत के भूमि प्रबंधन, कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय के प्रवक्ता मनीष कुमार पाल ने बताया कि हालांकि, भारतीय प्राधिकरणों द्वारा ‘प्लांट हेल्थ सर्टिफिकेट’ जारी किए जाने के बाद अब उस खेप को छोड़ दिया गया है।

समाचार पत्र ‘द राइजिंग नेपाल’ के अनुसार, मधेश प्रांत के जनकपुरधाम में फल एवं सब्जी व्यापारियों के संघ के महासचिव भुवनेश्वर पुरबे ने पहले कहा था कि भारतीय आयात को रोकने से घरेलू बाजारों में कमी हो सकती है।

उन्होंने सरकार को सलाह दी थी कि वह ‘क्वारंटीन’ प्रणाली को मजबूत करे और पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय उचित गुणवत्ता जांच के बाद भारतीय फलों को नेपाल के बाजारों में प्रवेश की अनुमति दे।

भाषा निहारिका

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