संबलपुर (ओडिशा), 10 जून (भाषा) कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) विवाद पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि जो सरकार परीक्षाओं में पेपर लीक नहीं रोक सकती, वह ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसा कार्यक्रम आयोजित करने में भी नहीं शर्माती।
‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। यह एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य छात्रों में परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है।
कुमार ने कहा, ‘‘जो प्रधानमंत्री ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर रील बनाते हैं, वह लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर मंडरा रहे असली संकट पर चुप्पी साध लेते हैं। जो सरकार पेपर लीक नहीं रोक सकती, उसे ऐसा कार्यक्रम आयोजित करते हुए शर्म आनी चाहिए।’’
शहर में एनएसयूआई की रैली के बाद धनकौड़ा मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बार-बार हो रहे पेपर लीक की जिम्मेदारी लेने में विफल रही है, जिससे देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
कुमार ने सवाल किया कि नीट विवाद के बावजूद प्रधानमंत्री केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने से क्यों परहेज कर रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, ‘‘प्रधान के पास प्रधानमंत्री मोदी की ऐसी कौन सी फाइल है कि वे उनकी बर्खास्तगी की फाइल पर दस्तखत नहीं कर पा रहे?’’
प्रधान संबलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
कुमार ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से चल रहे सोशल मीडिया आंदोलन का भी जिक्र किया और भाजपा पर जनता की आवाज को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘जो सरकार दीमक की तरह देश को खोखला कर रही है, वह देश के युवाओं को कॉकरोच कह रही है।’’
भाषा खारी रंजन
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