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तृणमूल कांग्रेस को एक और झटका, सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया

( तस्वीरों सहित )

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को पार्टी से और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

इससे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और झटका लगा है जो राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद आंतरिक विभाजन से जूझ रही है।

सुष्मिता देव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों के बीच अपने इस्तीफे के लिए ‘निजी और राजनीतिक कारणों’ का हवाला दिया है।

पूर्व कांग्रेस नेता देव कुछ साल पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उन्होंने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की और उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से यहां उनके आवास पर मुलाकात की।

इस मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में देव ने कहा कि उन्होंने केवल तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया है।

सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को लेकर पूछे गए सवालों या अपने भविष्य की राजनीतिक योजनाओं पर कोई भी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है कि मैं किस तरह की राजनीति करना चाहती हूं और मेरा नेता किसे होना चाहिए। मेरे अपने कारण हैं और इसलिए मैंने यह फैसला किया है।’’

भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं फैसला करुंगी तो आपको जानकारी दूंगी।’’

देव ने कहा कि उन्होंने निजी और राजनीतिक कारणों से इस्तीफा दिया है और ‘‘सभी को अपनी सोच बदलने का और यह फैसला करने का अधिकार है कि वे किस तरह की राजनीति करना चाहते हैं।’’

सुष्मिता देव इस सप्ताह तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने वाली राज्यसभा की दूसरी सदस्य हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर राय ने भी पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

देव ने अपने इस्तीफे में कहा, ‘‘मैं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देती हूं, जिसे कृपया तुरंत स्वीकार किया जाए।’’

देव ने राज्यसभा के सभापति को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं आपका, उपसभापति और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर मेरे कार्यकाल के दौरान हर तरह की मदद और सहयोग दिया।’’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बगावत का सामना कर रही है। पार्टी के कई सांसदों ने एक अलग समूह बनाने और सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ जाने का फैसला किया है।

वहीं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायकों में से अधिकतर सदस्यों ने पहले ही रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग समूह बना लिया जिन्हें राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया।

भाषा वैभव वैभव मनीषा

मनीषा