रांची, 10 जून (भाषा) कांग्रेस की झारखंड इकाई के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यहां राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग करते हुए धरना दिया।
पार्टी नेताओं ने नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित विसंगतियों को लेकर झारखंड विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में धरने पर बैठ गए।
उन्होंने नाथवानी पर अपने नामांकन पत्रों में गलत एवं अधूरी जानकारी देने का आरोप लगाया।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा, ‘‘हम भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित गंभीर विसंगतियों और अधूरी जानकारी के मामले में निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।’’
उनका कहना था, ‘‘हमने उनके नामांकन पत्रों में कई तरह की विसंगतियां उठाई हैं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग उन्हें इन विसंगतियों पर स्पष्टीकरण देने के लिए अतिरिक्त समय दे रहा है।’’
आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य नाथवानी ने सोमवार को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों में से एक के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया था।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन अधिकारी ने उनके नामांकन को फिलहाल लंबित रखते हुए आपत्तियों के निस्तारण के लिए बुधवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया था।
हालांकि, नाथवानी के एक करीबी सहयोगी ने दावा किया कि उनके नामांकन पत्र को लेकर उठाई गई आपत्तियों का समाधान कर दिया गया है।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून है, जबकि मतदान 18 जून को होगा।
प्रदेश में दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता मत हासिल करने होंगे।
झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ गठबंधन के 56 सदस्य हैं, जिनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार और भाकपा (माले) लिबरेशन के दो विधायक शामिल हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास 24 विधायक हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 21 तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), आजसू पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक विधायक शामिल हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है।
भाषा हक हक मनीषा
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