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कांग्रेस ने ईसी से नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने के फैसले को रद्द करने का आग्रह किया

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से अपनी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ बुधवार को निर्वाचन आयोग से शिकायत की और कहा कि निर्वाचन अधिकारी (आरओ) के इस असंवैधानिक तथा लोकतंत्र विरोधी फैसले को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।

पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयोग पहुंचकर इस मामले में पार्टी का पक्ष रखा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य आयुक्तों को तथ्यों से अवगत कराया।

इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव जयराम रमेश, भूपेश बघेल, रणदीप सुरजेवाला और वरिष्ठ नेता दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा एवं अभिषेक सिंघवी शामिल थे। इसमें खुद नटराजन भी मौजूद थीं।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने भारत निर्वाचन आयोग के साथ विस्तार से चर्चा की और तथ्य व आंकड़े रखे।’’

वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा, ‘‘आरओ ने सिर्फ इस गलतफहमी के आधार पर नामांकन रद्द कर दिया कि नटराजन ने किसी आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं किया। जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। अदालत से सिर्फ एक नोटिस आया था जिसमें पूछा गया था कि हम इस मामले का संज्ञान लें या नहीं। कानून की पहली कक्षा का विद्यार्थी भी जानता है कि संज्ञान लेना किसी भी मामले का आरंभिक चरण होता है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि आरओ का कदम गणतंत्र के विरूद्ध है और संविधान के मूल ढांचे के विरूद्ध है।

सिंघवी ने कहा, ‘‘आयोग से हमने कहा कि आपके पास इस फैसले को रद्द करने का पूरा अधिकार है।’’

उनका कहना था कि आयोग को आरओ के इस फैसले को रद्द कर देना चाहिए।

शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को रद्द कर दिया गया।

मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने जानबूझकर अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का अपने शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है।

उन्होंने कहा था कि इसे लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया।

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को मतदान होना है।

भाषा हक

हक मनीषा

मनीषा