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राजस्थान: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सीजेरियन प्रसव के बाद छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ी

बीकानेर, नौ जून (भाषा) राजस्थान के बीकानेर स्थित प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल में सीजेरियन प्रसव के बाद छह प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कई महिलाओं को गुर्दे संबंधी समस्याएं हुईं। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों को आईसीयू में भर्ती कर निगरानी की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि कोटा और बीकानेर के मामले अलग हैं और इन्हें आपस में नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बीकानेर का मामला पूरी तरह से कोटा की घटना से अलग है, जहां पांच महिलाओं की मौत हुई थी।

खींवसर ने बताया कि बीकानेर मामले में सभी महिलाएं अलग-अलग समय पर अस्पताल पहुंचीं और उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में उपचार दिया गया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस मामले में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है।

खींवसार ने कहा, “स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। जोधपुर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बीकानेर भेजी गई है, जो पूरे मामले की पड़ताल करेगी।”

मंत्री ने दावा किया कि सभी महिलाओं का सीजेरियन प्रसव नहीं हुआ था, बल्कि कुछ का सामान्य प्रसव हुआ।

उन्होंने कहा, “हम यह जांच कर रहे हैं कि इन मामलों में गुर्दे की समस्या क्यों आई। प्रारंभिक रिपोर्ट शाम तक आने की उम्मीद है।”

खींवसर ने यह भी बताया कि अस्पताल में उपयोग की गई दवाओं और अन्य चिकित्सीय सामग्रियों के नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि जटिलताओं का सही कारण पता चल सके।

जांच समिति में शामिल सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि कुछ महिलाओं को प्रसव के बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं हुईं और वे विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचाराधीन हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति बनाई गई है। सही कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। हमारी प्राथमिकता सभी मरीजों का उचित इलाज और स्वस्थ्य लाभ सुनिश्चित करना है।’’

अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने कहा कि मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। गुर्दा, स्त्री रोग और मेडिसिन विभाग की टीमें मिलकर इलाज कर रही हैं। कुछ मरीजों को डायलिसिस की आवश्यकता पड़ी, जो नियमित रूप से किया जा रहा है।

गुर्दा रोग विभाग के प्रोफेसर जितेंद्र फलोदिया ने बताया कि मरीज विशेषज्ञों देखरेख में हैं और आवश्यक चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।

इस बीच, मरीजों के परिजनों ने चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि प्रसव के बाद शुरू में स्थिर दिखने के बाद महिलाओं की हालत अचानक बिगड़ गई।

एक रिश्तेदार लेखराम ने बताया, ‘‘प्रसव के बाद वे सामान्य थीं, लेकिन बाद में मूत्र संबंधी और अन्य समस्याएं शुरू हो गईं। डॉक्टर इलाज कर रहे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो ताकि असली कारण सामने आए और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’’

एक अन्य परिजन जुबैदा ने भी अचानक बिगड़ी हालत पर चिंता व्यक्त की।

अधिकारियों ने बताया कि जांच की जा रही है और सटीक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल सभी मरीज आईसीयू और विशेष वार्ड में उपचाराधीन हैं।

भाषा बाकोलिया

धीरज

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