कोलकाता, नौ जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता सब्यसाची दत्ता को जबरन वसूली और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मंगलवार तड़के पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष दत्ता को रायगाछी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी के अनुसार, एक व्यवसायी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दत्ता जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल थे और उन्होंने 2018 में शिकायर्तकर्ता से एक करोड़ रुपये से अधिक की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और दत्ता को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद चिकित्सा जांच के लिए ले जाए जा रहे दत्ता ने संवाददाताओं से कहा ‘‘अगर वे साबित कर दें कि मैंने एक रुपया भी लिया है तो मैं फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हूं।’’
दत्ता को बिधाननगर पुलिस थाने में रखा गया है, जहां उनसे अधिकारियों ने पूछताछ की। उन्हें आज बिधाननगर उपसंभागीय अदालत में पेश किया जाएगा।
अदालत ले जाए जाते समय कुछ लोगों ने उन पर अंडे और टमाटर फेंके।
दत्ता ने 2026 के विधानसभा चुनाव में बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
उन्होंने वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था, लेकिन कुछ वर्षों बाद वह फिर से तृणमूल कांग्रेस में लौट आए थे।
दत्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब बिधाननगर के पूर्व विधायक और तृणमूल सरकार में मंत्री रह चुके सुजीत बोस को निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है।
उनकी गिरफ्तारी पर राज्य के मंत्री शरदवत मुखर्जी ने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार और अहंकार में डूबे लोग एक के बाद एक गिरफ्तार किए जा रहे हैं।’’
बिधाननगर पुलिस को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल के दौर के जबरन वसूली करने वालों को युद्ध स्तर पर पकड़ा जा रहा है।
भाषा
मनीषा वैभव
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