नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी कार्यालय परिसरों में शामिल उद्योग भवन को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत ढहाने का काम शुरू हो गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
वर्ष 1950 के दशक के उत्तरार्ध में बने उद्योग भवन को हटाने का काम मई में निर्माण भवन को ढहाए जाने के बाद शुरू हुआ है।
दोनों भवनों का निर्माण स्वतंत्रता के बाद केंद्रीय सचिवालय के विस्तार के दौरान किया गया था और इनमें कई दशकों तक कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय रहे।
सेंट्रल विस्टा परियोजना के क्रियान्वयन के साथ ही दोनों भवनों से संचालित अधिकतर मंत्रालयों को नव-निर्मित तीन कर्तव्य भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों के लिए साझा केंद्रीय सचिवालय के हिस्से के रूप में 10 भवनों के निर्माण की योजना बना रहा है।
वर्ष 1950 से 1970 के बीच बने शास्त्री भवन और कृषि भवन जैसे भवनों को भी ढहाया जाना है, जबकि कुछ भवनों को बरकरार रखे जाने की संभावना है।
इनमें राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार, जवाहरलाल नेहरू भवन (विदेश मंत्रालय का भवन) और डॉ. आंबेडकर सभागार शामिल हैं, जो नए भवन हैं। वाणिज्य भवन को भी बनाए रखे जाने की संभावना है।
योजना के तहत सरकार नए संसद भवन और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव का निर्माण कर चुकी है तथा विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले कर्तव्य पथ का पुनर्विकास भी किया जा चुका है।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष