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‘इंडिया’ गठबंधन में मतभेदों को विभाजन में तब्दील नहीं होने देना चाहिए: वीसीके

चेन्नई, आठ जून (भाषा) वीसीके प्रमुख टी. तिरुमवालवन ने ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के बीच एकता की कमी पर सोमवार को चिंता व्यक्त की और इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हाल ही में हुए चुनाव के दौरान उसके रवैये के कारण गठबंधन के कई सहयोगी दलों में “असंतोष” पैदा हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कांग्रेस की चुनावी रणनीति ने गठबंधन के सबसे मजबूत दलों शुमार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) को “कमजोर” किया।

वीसीके के नेता ने दावा किया कि उन्होंने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कहा, “यह न तो वांछनीय है और न ही विपक्षी एकता के बड़े उद्देश्य के लिए लाभकारी।”

तिरुमावलवन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की विफलताओं की वास्तविकता उजागर करना और उसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करना गठबंधन का कर्तव्य है।

तिरुमावलवन ने कहा, “संघर्षों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए विपक्षी दलों के बीच आपसी विश्वास, समझ और एकता अनिवार्य है।”

उन्होंने कांग्रेस पार्टी से आह्वान किया कि वह “अपने दृष्टिकोण का ईमानदारी पूर्वक पुनर्मूल्यांकन करे और गठबंधन को और अधिक मजबूत व सुदृढ़ बनाने के उपाय तलाशे।”

उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों प्रकार की पार्टियां शामिल हैं। इतने व्यापक गठबंधन में मतभेद स्वाभाविक हैं। हालांकि, इन मतभेदों को विभाजन में बदलने नहीं देना चाहिए।”

भाषा जोहेब माधव

माधव