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ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद: उच्च न्यायालय ने एनएसयूआई की याचिका पर सीबीएसई से मांगा जवाब

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन द्वारा दायर एक याचिका पर केंद्र और सीबीएसई से सोमवार को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। याचिका में कक्षा 12 की परीक्षा की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुईं अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच का अनुरोध किया गया है।

न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति मधु जैन की अवकाशकालीन पीठ ने ‘नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (एनएसयूआई) द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए केंद्र सरकार और सीबीएसई को अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की सुनवाई 12 जून के लिए सूचीबद्ध की।

याचिकाकर्ता ने कहा कि सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन का पोर्टल कल रात बंद कर दिया। याचिकाकर्ता ने प्रभावित छात्रों के लिए इसे एक महीने तक खुला रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

सीबीएसई के वकील, एडवोकेट एम ए नियाज़ ने बताया कि अधिकारियों ने पोर्टल बंद करने की समय सीमा समय-समय पर बढ़ाई थी और बोर्ड पीड़ित छात्रों की शिकायतों का विधिवत समाधान कर रहा था।

उन्होंने एनएसयूआई द्वारा जनहित याचिका दायर करने की वैधता पर भी आपत्ति जताई और इस बात पर जोर दिया कि यह एक राजनीतिक दल का छात्र संगठन है।

अधिवक्ता ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कि शिक्षा का इस तरह राजनीतिकरण हो।’’

एनएसयूआई के वकील ने कहा कि उन्होंने नाबालिगों की ओर से जनहित याचिका दायर की है और किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव याचिका दाखिल करने की अपात्रता का आधार नहीं है।

एनएसयूआई ने अपनी याचिका में कहा कि इस वर्ष के कक्षा 12 के परिणामों में समग्र प्रदर्शन में आई भारी गिरावट ने छात्रों और अभिभावकों के बीच ओएसएम प्रणाली की निष्पक्षता, निरंतरता और विश्वसनीयता को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है।

भाषा शोभना वैभव

वैभव