गोरखपुर, सात जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरीचौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बच्चे को जन्म देने के कुछ देर बाद ही मां की रविवार को मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान देवरिया जिले के बेलवा डुबौली गांव निवासी नीलम निषाद (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर महिला को शनिवार को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था और उसने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया।
नीलम के पति देव निषाद और भाई रितेश ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि रात के समय अस्पताल में चिकित्सक मौजूद नहीं थे और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण नीलम की मौत हो गई।
इस घटना से नाराज परिजनों ने रविवार सुबह करीब पांच बजे स्वास्थ्य केंद्र के बाहर शव रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया और चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
यह प्रदर्शन करीब छह घंटे तक चला और पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
चौरीचौरा के विधायक सरवन निषाद ने भी अस्पताल का दौरा किया।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक से बातचीत की और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से मामले की जांच कराने का आग्रह किया।
अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक सर्वजीत प्रसाद ने बताया कि ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई और अधीक्षक ने किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही से इनकार किया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए “एक्स” पर कहा, “चौरीचौरा, गोरखपुर के अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मृत्यु की जिम्मेदारी तय की जाए और उचित कार्रवाई हो।”
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा कि “यदि प्रदेश में कोई सार्थक और सक्रिय स्वास्थ्य मंत्री हैं तो वो पॉडकास्ट छोड़कर अपने विभाग पर ध्यान दें।”
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत