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गाजियाबाद की घटना के बाद मुस्लिम समाज आत्ममंथन करे : अनिल राजभर

बहराइच, सात जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने गाजियाबाद में एक युवक की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि मुस्लिम समाज को भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपनी भूमिका को लेकर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए।

राजभर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुस्लिम समाज के लिए बहुत गंभीरता से सोचने का समय आ गया है। आप ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ और भाईचारे की बात करते हैं, लेकिन ऐसी घटना के बाद आप पर कौन विश्वास करेगा?’’

राजभर चितौरा झील स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर आयोजित पार्टी कार्यक्रम ‘हर घर भगवा अभियान, कमल निशान- कमल निशान’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

गाजियाबाद की घटना के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, ‘‘पुलिस ने दोषी अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचा दिया है। इसके लिए पुलिस की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। ऐसी घटना जहां भी होगी, उसका परिणाम भी यही होगा।’’

उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर माहौल बिगाड़ने या राजनीति करने का प्रयास करने वाले लोग संकीर्ण सोच के हैं। पुलिस के अनुसार, खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार निवासी सूर्या को 28 मई को एक विवाद के दौरान चाकू मार दिया गया था। बाद में नोएडा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी असद ने अपने पिता नवाब और अन्य साथियों के साथ मिलकर मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद सूर्या पर हमला करने की साजिश रची थी।

हालांकि, सूर्या के परिजनों का आरोप है कि ईद-उल-अजहा पर बकरे की कुर्बानी देखने से इनकार करने को लेकर हुए विवाद के बाद उसकी हत्या की गई।

इसके बाद 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी असद (19) की 31 मई को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।

पुलिस ने असद के पिता नवाब तथा उसके मित्रों फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है।

एक जून को प्रशासन ने असद के घर पर नोटिस चस्पा कर भूमि पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाया था और 15 दिन के भीतर जवाब न देने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

इस दौरान राजभर ने कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में रही, तब-तब सैयद सालार मसूद गाजी जैसे आक्रांताओं के स्थलों को सजाया-संवारा गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हमेशा पिछड़े और दलित समाज के महापुरुषों का सम्मान करते हुए उनके स्मारकों का निर्माण कराया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महाराजा सुहेलदेव, रानी दुर्गावती और पृथ्वीराज चौहान जैसी विभूतियों के स्मारक बनवाए हैं।

राज्‍य के मुख्‍य विपक्षी दल पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि ''जब जब समाजवादी पार्टी की सरकारें रहीं, सैयद सालार मसूद सरीखे आक्रांता की मजारें सजाई गयीं, लेकिन जब भाजपा, मोदी, शाह, योगी की सरकार बनी तब महाराजा सुहेलदेव, रानी दुर्गावती, पृथ्वीराज चौहान जैसे महापुरुषों के स्मारक बनाकर उनका आदर किया गया।''

उन्होंने कहा कि ''पिछड़े व दलित समाज के महापुरुषों तथा इस समाज का आदर अन्य किसी सरकार ने नहीं किया, जब-जब भाजपा सरकार आई तब इनका सर्वाधिक सम्मान किया गया है।''

मंत्री ने कहा कि मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी) का अभियान गुलामी के प्रतीकों को हटाना और मिटाना है, ना कि उन्हें संरक्षित करना है। हमको अपनी विरासत और महापुरुषों के स्थानों तथा उनके नाम को सुरक्षित और संरक्षित करना है।

उन्होंने कहा कि बहराइच में लगने वाले सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर तथा इसी प्रकार बदायूं में लगने वाले मेलों से समाज को गुमराह किया जा रहा था। राजभर ने कहा कि इन मेलों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर वह अपनी सरकार का स्वागत करते हूं और जनता को बधाई देते हैं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के एक वक्तव्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'ना नौ मन चना होगा ना भाड़ चढ़ेगा जो कभी होना ही नहीं है उस बात को करने से कोई मतलब नहीं है।'

उल्लेखनीय है कि एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने पिछले दिनों एक बयान में कहा था कि 'यदि आगामी चुनावों में बहराइच की किसी भी सीट से पार्टी का एक भी विधायक जीतकर विधानसभा पहुंच गया तो मेला लगने से कोई माई का लाल रोक नहीं सकता।'

बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर सैकड़ों वर्ष से लगने वाले एक मेले में हर साल लाखों लोग आते थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने गत वर्ष मेले पर रोक लगा दी थी, हालांकि पारंपरिक पूजा पाठ पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा था।

दिल्ली में होने जा रहे विपक्षी दलों के समूह इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा, 'इंडी गठबंधन टूट चुका है, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और पंजाब के चुनावों में इंडी गठबंधन कहीं नहीं था। जो बैठक होने जा रही है उसमें ममता बनर्जी व केजरीवाल आएंगे या नहीं, इसमें संदेह है, तमिलनाडु से स्टालिन ने भी साफ तौर पर आने से मना कर दिया है। यह केवल धोखाधड़ी कर जनता को धोखा देने का काम करते रहेंगे।'

राजभर ने राहुल गांधी के एक बयान को लेकर तंज कसते हुए कहा, 'राहुल गांधी को इलाज की जरूरत है, उन्हें अब कोई गंभीरता से नहीं लेता।'

भाषा

सं, आनन्‍द रवि कांत