Breaking News

दक्षिण मुंबई में पुरानी इमारत की बालकनी गिरी, एक व्यक्ति की मौत     |   'पाकिस्तान से बात हो...', PM मोदी-शहबाज को चिट्ठी लिखने वालों में मणिशंकर अय्यर और हुमायूं कबीर     |   चढ़ावा चोरी केस: लवकुश-अनुकल्प मिश्रा के घर समेत कई जगहों पर अयोध्या पुलिस की रेड     |   'सब लोग एक होकर पार्टी को मजबूत करो', लालू यादव की बड़ी अपील     |   कतर के पीएम से मिले कुशनर और विटकॉफ, अमेरिका-ईरान डील पर बड़ी चर्चा     |  

हरियाणा सरकार पंचायत भूमि पर जैविक खेती के लिए नीति तैयार करेगी: मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, सात जून (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार पंचायतों के स्वामित्व वाली भूमि पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अगले वर्ष एक नीति तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में आयोजित एक ‘कृषि कार्यशाला’ में कहा कि कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी जो कम से कम 10 वर्षों तक प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

यह कार्यशाला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन एवं क्लस्टर गठन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

सैनी ने घोषणा की कि कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए प्रमाणित किसानों को पांच वर्षों तक प्रति एकड़ हर वर्ष 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।

जैविक खेती के प्रमाणीकरण के लिए हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को प्रमाणीकरण निकाय के रूप में नामित किया जाएगा।

सैनी ने कहा कि प्राकृतिक और जैविक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल में कृषि बाजारों (मंडियों) में जगह उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा, इन किसानों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण प्रयोगशालाएं और एपीडा द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

भाषा यासिर नरेश

नरेश

नरेश