नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के पुष्प विहार इलाके में एक मुठभेड़ के बाद प्रिंस तेवतिया गिरोह के तीन कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें हाल ही में जबरन वसूली के लिए हुई गोलीबारी के मामले में वांछित एक कुख्यात अपराधी भी शामिल है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान राकेश (31), सोनू (25) और भरत जाटव (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान राकेश और सोनू के पैरों में गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, तीनों हाल ही में साकेत पुलिस थाने में दर्ज जबरन वसूली और गोलीबारी के एक मामले में वांछित थे। यह मामला लाडो सराय निवासी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे राकेश से कथित तौर पर जबरन वसूली से संबंधित फोन आ रहे थे और उसे धमकियां मिल रही थीं।
पुलिस ने बताया कि एक जून को मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने शिकायतकर्ता को डराने के लिए उसके आवास के बाहर कथित तौर पर कई बार गोलियां चलाई थीं और उसे धमकियां दे रहे थे।
मामले की जांच के दौरान घटना में राकेश और सोनू के शामिल होने का पता चला, जो अपराध करने के बाद से ही फरार थे।
राकेश, सोनू और भरत के अवैध हथियारों के साथ बिरला विद्या निकेतन मार्ग क्षेत्र से गुजरने की विशिष्ट सूचना के आधार पर, पुलिस ने पांच और छह जून की दरमियानी रात को पुष्प विहार में माछी मार्केट रोड के पास जाल बिछाया।
देर रात करीब 12.20 बजे आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार दिखाई दिए। पुलिस के रुकने का इशारा करने पर उन्होंने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं।
पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आरोपियों ने करीब छह गोलियां चलाईं। राकेश द्वारा चलाई गई एक गोली हेड कांस्टेबल संदीप धायल की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। अधिकारियों ने बताया कि हेड कांस्टेबल अरविंद की ओर भी एक गोली चलाई गई, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें राकेश और सोनू के पैरों में गोली लगी और उन्हें काबू में कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि भरत को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि राकेश आंबेडकर नगर पुलिस थाने का एक 'घोषित अपराधी' है और वह प्रिंस तेवतिया गिरोह का कथित सदस्य है। वह पहले भी 11 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सोनू पहले भी दो आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें साकेत पुलिस थाने में दर्ज एक हत्या का मामला भी शामिल है, जबकि भरत का शस्त्र अधिनियम के तहत एक आपराधिक रिकॉर्ड है।
पुलिस ने दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल बरामद कीं, जिनके साकेत गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार होने का संदेह है। साथ ही सात कारतूस, छह खोखे, तीन मोबाइल फोन और एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई, जिनका कथित तौर पर अपराधों में इस्तेमाल किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से पुलिस को साकेत पुलिस थाने में दर्ज दो मामलों को सुलझाने में मदद मिली है, जिनमें हाल ही में हुई जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाएं शामिल हैं।
मुठभेड़, अवैध हथियारों से संबंधित एक अलग मामला साकेत पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। जांचकर्ता आरोपियों की अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं और प्रिंस तेवतिया गिरोह और उसके कथित जबरन वसूली नेटवर्क के अतिरिक्त सदस्यों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।
भाषा प्रचेता शोभना
शोभना