भुवनेश्वर, पांच जून (भाषा) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ओडिशा के वन मंत्री गणेश राम सिंहखूंटिया ने शुक्रवार को किसानों और अन्य हितधारकों से नयी पद्धतियों के साथ खेती की पुरानी परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के मौके पर यहां राज्य स्तरीय समारोह का उद्घाटन करते हुए सिंहखूंटिया ने कहा कि पारंपरिक कृषि प्रणाली पर्यावरण की रक्षा में सहायक थी। इसलिए, उन्होंने सुझाव दिया कि पुरानी परंपरा के मूल सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए नयी प्रणालियों को अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'मनुष्य, समाज और पर्यावरण के बीच स्वस्थ संतुलन बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।'
वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य सरकार एक हरित, स्वच्छ और जलवायु-प्रतिकूलताओं से निपटने में सक्षम ओडिशा के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने लोक भवन स्थित अटल वन में पौधारोपण अभियान में भाग लिया।
राज्यपाल ने 'एक्स' पर लिखा, 'पर्यावरण संरक्षण केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति एक प्रतिबद्धता है। आज लगाया गया हर एक पौधा एक हरित, स्वस्थ और अधिक सुरक्षित कल की दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को मजबूत करता है। पर्यावरणीय जिम्मेदारी हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बननी चाहिए। सामूहिक जागरूकता और कार्रवाई के माध्यम से, हम अपने ग्रह की रक्षा कर सकते हैं और एक ऐसा भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं, जहां प्रगति और पर्यावरण का संरक्षण साथ-साथ चलें।'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल से प्रेरित होकर उन्होंने ओडिशा के लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने जनता से आग्रह किया, 'आइए मिलकर एक हरित, स्वस्थ और अधिक सतत भविष्य का निर्माण करें।'
यह दिन ओडिशा भर के विभिन्न संगठनों और संस्थानों में मनाया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर ने अपने परिसर में पौधारोपण अभियान आयोजित किया और पर्यावरण स्थिरता तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भाषा सुमित दिलीप
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