ईटानगर, पांच जून (भाषा) ईटानगर राजधानी क्षेत्र (आईसीआर) में शुक्रवार को एक युवा समूह द्वारा बुलाए गए 24 घंटे के बंद के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि राज्य सरकार ने कहा कि संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दों का पहले ही समाधान कर दिया गया है।
व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और बाजार बंद रहे, जबकि सड़कें सुनसान नजर आईं। सड़कों पर केवल कुछ सरकारी और पुलिस वाहन ही दिखाई दिए।
'अरुणाचल प्रदेश इंडिजिनियस यूथ ऑर्गेनाइजेशन' (एपीआईवाईओ) ने कथित अनधिकृत मस्जिदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए और राज्य में अवैध आप्रवासन पर चिंता जताते हुए बंद का आह्वान किया।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह पांच बजे से छह जून सुबह पांच बजे तक बुलाया गया बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा और बंद समर्थकों द्वारा टायर जलाने की कुछ छिटपुट घटनाएं ही हुईं।
प्रशासन ने पहले इस बंद को अवैध बताया था।
राज्य सरकार ने दावा किया था कि ईटानगर राजधानी क्षेत्र में आवश्यक अनुमोदन के बिना संचालित हो रही सभी 15 मस्जिदों को प्रशासन द्वारा पहले ही बंद और सील कर दिया गया है।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शिक्षा मंत्री और सरकारी प्रवक्ता पासांग दोरजी सोना ने कहा कि बंद अब 'अप्रासंगिक' हो गया है क्योंकि अधिकारियों ने संगठन की प्राथमिक मांग पर कार्रवाई की है।
मंत्री के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा पहले ही ऐसी 12 संरचनाओं को सील या बंद कर दिया गया था, जबकि निजी भूमि पर चल रही शेष तीन संरचनाओं को बुधवार को बंद कर दिया गया।
सोना ने कहा था,'बंद का आह्वान करने वाला मुद्दा हल हो चुका है। चूंकि सभी चिन्हित मस्जिदें बंद कर दी गई हैं, इसलिए आंदोलन जारी रखने का कोई कारण नहीं है।'
भाषा
शुभम रंजन
रंजन