नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होना प्रभावशाली लोगों से जुड़ा 'करोड़ों रुपये का कारोबार' बन गया है।
केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करने में विफल रही है।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में केजरीवाल ने सवाल उठाया कि प्रमुख परीक्षाओं को लेकर बार-बार विवाद होने के बावजूद प्रश्नपत्र लीक होने का सिलसिला क्यों जारी है?
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली या पंजाब में 'आप' के कार्यकाल के दौरान कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इसकी तुलना केंद्रीय एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से की।
केजरीवाल ने कहा, 'मुद्दा नीयत का है। अगर नीयत साफ हो तो प्रश्नपत्र लीक होने से रोका जा सकता है।'
भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े पिछले विवादों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रियाओं में चूक की आरोपी कंपनियों को ठेके मिलना जारी रहा और जवाबदेही भी नाकाफी रही।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने नीट से जुड़े विवाद का भी हवाला दिया और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अधिकारियों द्वारा घोषित उपायों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रश्नपत्र तैयार करने के स्तर पर ही लीक होता है, तो केवल परिवहन व्यवस्था में बदलाव करने से समस्या के मूल कारण का समाधान नहीं होगा।
आप प्रमुख ने दावा किया कि अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाया जा रहा है।
भाषा सुमित रंजन
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