नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने असम में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने वाली पांच महिलाओं को विदेशी घोषित करने संबंधी आदेशों को चुनौती देने वाली उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमति जताते हुए उनके निर्वासन पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेशों को चुनौती देने वाली पांच अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
दो याचिकाओं पर पारित अपने आदेश में, पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता हिरासत में हैं, तो उन्हें 16 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक निर्वासित न किया जाए।
उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिनमें विदेशी (नागरिक) न्यायाधिकरण द्वारा पारित उन आदेशों को रद्द करने का अनुरोध किया गया था, जिनमें उन्हें विदेशी घोषित किया गया था।
इन महिलाओं ने बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।
उच्चतम न्यायालय ने इन सभी याचिकाओं पर केंद्र, असम सरकार और अन्य से जवाब मांगा और सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश एक वकील ने जब कहा कि याचिकाकर्ताओं को निर्वासित किया जा सकता है, तो पीठ ने कहा, ‘‘इस बीच, आज की यथास्थिति बरकरार रखी जाए।’’
भाषा सुभाष पवनेश
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