जयपुर, पांच जून (भाषा) राजस्थान पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को ‘डांस बार’ व देह व्यापार में धकेलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और सात नाबालिगों सहित 10 लड़कियों को मुक्त कराया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग बेटियों को बेहतर भविष्य का झांसा देकर मुंबई सहित अन्य महानगरों में ले जाता था, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी उम्र बढ़ाकर उन्हें ‘डांस बार’ और देह व्यापार में धकेला जाता था।
झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मुंबई पुलिस द्वारा बचाई गई चार लड़कियों को उनके परिजनों को सौंपने के लिए राजस्थान लाया गया था।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान पता चला कि इनमें से दो लड़कियां नाबालिग थीं जबकि दस्तावेजों में उन्हें बालिग दर्शाया गया था।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद फर्जी पहचान पत्र और उम्र में हेराफेरी से जुड़े एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और विभिन्न राज्यों में पुलिस टीमें भेजी गईं।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई गई टीम ने चार अन्य लड़कियों को मुक्त कराया और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि वहीं बूंदी और टोंक से एक-एक नाबालिग लड़की को भी मुक्त कराया गया।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, अब तक कुल 10 लड़कियों को मुक्त कराया गया है, जिनमें सात नाबालिग हैं।
उन्होंने बताया कि एक लड़की बालिग है जबकि दो अन्य लड़कियों की वास्तविक उम्र के संबंध में दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य महिला एजेंट रामकन्या (53), भीमशंकर उर्फ भीमा (28), अंकुश कर्मावत (26), रमेश कंजर उर्फ पावल्या (55) और सन्नी (40) शामिल हैं।
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