(फाइल फोटो के साथ)
धर्मशाला/नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश के मतदाता काफी जागरूक और विवेकशील हैं तथा राज्य की मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं को दर्शाते हैं।
कुमार कांगड़ा एवं चंबा जिलों की चार दिवसीय यात्रा के तहत शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंचे।
उन्होंने धर्मशाला में एक कार्यक्रम में ‘बूथ’ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ), उनके पर्यवेक्षकों तथा चुनाव कर्मियों से बातचीत की।
कुमार ने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों को भारत की चुनावी प्रणाली की रीढ़ बताया तथा सटीक, विश्वसनीय और समावेशी मतदाता सूचियों को बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचें और उन मतदाताओं की पहचान करें जिनके नाम किसी भी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हों।
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव की विश्वसनीयता एक स्वच्छ और व्यापक मतदाता सूची से शुरू होती है।’’
इस संवाद के दौरान, बीएलओ और क्षेत्रीय अधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को साझा किया, विशेष रूप से नए मतदाताओं की पहचान करने, प्रवासी मतदाताओं के सत्यापन और चुनावी रिकॉर्ड को अद्यतन करने में आने वाली समस्याओं को।
कुमार ने उन्हें निर्वाचन आयोग के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया और अधिकारियों को क्षेत्रीय कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण एवं संस्थागत सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
ऊंचाई वाले इलाकों में खराब मौसम और बर्फबारी का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने हिमाचल प्रदेश को उन राज्यों की सूची से हटा दिया था जहां तीसरे चरण में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है।
इस पहाड़ी राज्य के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम बाद जारी किया जाएगा।
राज्य में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
भाषा राजकुमार माधव
माधव