चेन्नई, पांच जून (भाषा) तमिलनाडु में सत्तारूढ़ टीवीके के समर्थन से कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने शुक्रवार को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय एवं राज्य के कई मंत्रियों की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद चक्रवर्ती ने पत्रकारों से बातचीत में इस अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और इसे एक ‘बड़ी जिम्मेदारी’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए संसद में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा। मैं यह भी सुनिश्चित करूंगा कि तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन सरकार की नीतियों और प्रशासनिक उपलब्धियों को राज्यसभा में प्रमुखता से रखा जाए और उनका समर्थन किया जाए।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘तमिलनाडु सोशल जस्टिस प्रोग्रेसिव ( टीवीके, कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल, भाकपा और माकपा) गठबंधन के पहले सांसद उम्मीदवार के रूप में चुने जाने पर मुझे गर्व और जिम्मेदारी दोनों महसूस हो रही है। मुझ पर विश्वास जताने के लिए राहुल गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को हार्दिक धन्यवाद। मैं गठबंधन के लाखों कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करता हूं कि मैं संसद में तमिल जनता के लिए एक साहसी, निष्ठावान और ईमानदार आवाज बनूंगा।’’
इस पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि इससे पहले ऐसे किसी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी। माकपा और वीसीके ने दावा किया कि उन्हें ‘नए गठबंधन’ के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
माकपा के प्रदेश सचिव पी. शनमुगम ने चक्रवर्ती की सोशल मीडिया टिप्पणियों को ‘धृष्टता’ करार देते हुए कहा , ‘‘किसी ने भी हमसे गठबंधन के बारे में चर्चा नहीं की है और न ही गठबंधन बनाने के लिए हमारा समर्थन मांगा है। हम पहले ही स्पष्ट रूप से उन विशिष्ट आधारों को बता चुके हैं जिन पर माकपा टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है।’’
वीसीके प्रमुख टी तिरुमावलन ने विल्लुपुरम में कहा, ‘‘ नहीं, हमें इसके बारे में कुछ नहीं पता। शायद टीवीके नेतृत्व भविष्य में इस तरह के कदम पर विचार कर रहा हो। हमारे पास इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।’’
भाषा
राजकुमार रंजन
रंजन