कोलकाता, पांच जून (भाषा) जबरन वसूली गिरोह से जुड़े मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता स्वरूप बिस्वास को शुक्रवार को यहां की एक अदालत ने 18 जून तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
स्वरूप ममता बनर्जी सरकार में खेल मंत्री रहे अरूप बिस्वास के भाई हैं।
स्वरूप को बृहस्पतिवार रात टॉलीगंज फिल्म और टेलीविजन उद्योग में चल रहे एक कथित जबरन वसूली गिरोह के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
कोलकाता पुलिस के मुख्य लोक अभियोजक सौरिन घोषाल ने अलीपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से स्वरूप को 14 दिन की पुलिस हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया। घोषाल ने कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर एक महिला को उद्योग में काम करने की अनुमति देने के बदले में यौन संबंध बनाने की मांग की और जान से मारने की धमकी देकर 50 अन्य व्यक्तियों से लगभग 22 लाख रुपये की उगाही की।
घोषाल ने आरोप लगाया कि स्वरूप ने आग्नेयास्त्र से एक व्यक्ति को जान से मारने की कोशिश की।
अलीपुर अदालत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्वरूप को 18 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अभियोजन पक्ष के वकील ने अपराध के नाट्य रूपांतरण, हथियारों की बरामदगी और कथित रूप से जबरन वसूली गई धनराशि का पता लगाने के लिए स्वरूप की हिरासत देने का अनुरोध किया।
स्वरूप के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, बृहस्पतिवार रात जब स्वरूप को दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के न्यू अलीपुर पुलिस थाना ले जाया गया तो प्रदर्शनकारियों ने वहां पर नारेबाजी की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्वरूप ने वर्षों तक फिल्म और टेलीविजन उद्योग में अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल किया और कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों से नौकरियों का वादा करके पैसे वसूले।
भाषा धीरज पवनेश
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