रायपुर, पांच जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को कहा कि मजदूर परिवारों के बच्चों को अपने माता-पिता के पेशे तक सीमित नहीं रहना चाहिए और उन्हें चिकित्सक, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और विभिन्न क्षेत्रों में पेशेवर बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि साय ने यहां आयोजित एक समारोह में पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के 22 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
इन विद्यार्थियों ने इस वर्ष राज्य बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के शीर्ष 10 की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है।
साय ने न्यू सर्किट हाउस में आयोजित समारोह में कहा कि राज्य की भारतीय जनता पाप्टी (भाजपा) सरकार का विजन है कि मजदूर परिवारों के बच्चे एक ही पेशे तक सीमित न रहें बल्कि चिकित्सक, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और छत्तीसगढ़ तथा देश की सेवा करने वाले पेशेवर बनने की आकांक्षा रखें।
साय ने ‘मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता’ योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को दो-दो लाख रुपये प्रदान किए।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि लाभार्थियों में रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, शक्ति, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर सहित विभिन्न जिलों के 10वीं कक्षा के नौ और 12वीं कक्षा के 13 छात्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उनके परिवारों के संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का भी प्रतिबिंब है।
साय ने जोर देकर कहा, “श्रम, समर्पण और कड़ी मेहनत से श्रमिक समाज और राष्ट्र निर्माण की नींव रखते हैं। वे अक्सर कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं ताकि अन्य लोग बेहतर सुविधाओं और सुख-सुविधाओं का आनंद ले सकें। श्रमिक ही राष्ट्र के सच्चे निर्माता हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन और जीवन के लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने तथा कभी भी स्वयं को किसी से कमतर न समझने का आग्रह किया।
भाषा संजीव जितेंद्र
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