(तस्वीर के साथ)
अगरतला, पांच जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना अंतिम चरण में है, और नए सुरक्षा ग्रिड में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा तथा इसमें स्थानीय प्रशासन और सीमा प्रहरी भी शामिल होंगे।
त्रिपुरा के लंकामुरा सीमा चौकी पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कर्मियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जहां भी बल के जवान तैनात होंगे, ‘‘हम वहां स्मार्ट बॉर्डर बनाएंगे’’।
गृह मंत्री ने कहा कि जल्दी ही ‘स्मार्ट बोर्डर’ प्रणाली लागू की जायेंगी, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा प्रहरियों को शामिल करते हुए एक समन्वित सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।
शाह ने कहा, ‘‘स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा को प्रायोगिक परियोजना के तौर पर देश के सात-आठ स्थानों पर लागू किया जाएगा। मैं केंद्रीय गृह सचिव और बीएसएफ के महानिदेशक से अनुरोध करता हूं कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करें और संवाद करें।’’
शाह ने कहा कि मानव तस्करी और हथियारों की तस्करी से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी तक हर सीमा की अपनी चुनौतियां होती हैं, ‘‘लेकिन बीएसएफ के जवान इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हैं।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘भारत को 2047 तक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लिए हमें सीमा पार से नकली नोटों की तस्करी, मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना होगा।’’
शाह ने मई में कहा था कि सरकार अगले साल तक एक तकनीक-सक्षम ‘‘स्मार्ट बॉर्डर’’ परियोजना शुरू करेगी ताकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6,000 किलोमीटर लंबी सीमा को अभेद्य बनाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश की जनसांख्यिकी को बदलने का ‘‘षड्यंत्र’’ विफल हो जाए।
उन्होंने कहा था कि ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना के तहत ‘‘अभेद्य’’ सीमा बनाने के लिए तकनीक, ड्रोन, रडार और स्मार्ट कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
भाषा शफीक रंजन
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