जयपुर, पांच जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति में जो लोग खुद को ज्यादा ‘कद्दावर’ दिखाने के लिए दूसरों को कमतर दिखाने की कोशिश करते हैं वे आखिरकार नाकाम ही होते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि असली तरक्की अपनी क्षमताओं को मजबूत करने से ही होती है।
गहलोत ने यहां अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीति में दूसरों को ‘कमतर’ बताने की कोशिश ही रहती है।
उन्होंने कहा, “लाइनें काटने के बजाय खुद की लाइनें बड़ी करनी पड़ती हैं। दुर्भाग्य से राजनीति क्या है?... एक-दूसरे की लाइनें काटो और अपनी लाइन बड़ी बताओ।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने जनहित के मुद्दे उठाने, जनता के बीच में जाने पर जोर दिया।
गहलोत ने कहा कि देश में आज स्थिति बड़ी विकट है और युवा पीढ़ी को इसे समझना होगा।
उन्होंने 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर आए राजनीतिक संकट के लिए एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय नेताओं पर निशाना साधा।
गहलोत ने पर्यावरण दिवस पर ‘ग्रेट निकोबार’ का मुद्दा उठाते हुए रक्षा के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ पर चिंता जताई।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार के जमीनी सच को देश के सामने रखा है। रक्षा के नाम पर पर्यावरण से यह खिलवाड़ और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति बेहद चिंताजनक है।”
गहलोत के अनुसार, “1.5 करोड़ पेड़ों की कटाई, कोरल रीफ की तबाही और वहां के आदिवासियों व पूर्व सैनिकों को विस्थापित कर होटल-कैसीनो का निर्माण कतई स्वीकार्य नहीं है। विकास हमेशा पर्यावरण के लिहाज से संतुलित और ‘टिकाउ’ होना चाहिए, न कि चुनिंदा उद्योगपतियों के फायदे के लिए।”
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