नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत को सूचित किया कि नीट पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा संजय वाघमारे ने छात्रों को पैसों के बदले प्रश्न पत्र वितरित किए थे।
एजेंसी ने वाघमारे की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता के समक्ष ये दलीलें पेश कीं।
न्यायाधीश ने याचिका पर फैसला 9 जून के लिए सुरक्षित रख लिया।
सीबीआई द्वारा जमानत याचिका का विरोध करने के बाद, न्यायाधीश ने एजेंसी की ओर से पेश अभियोजक से पूछा कि क्या उसने कथित तौर पर पैसे के बदले छात्रों को लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे।
अभियोजक ने कहा, “उसने छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्नपत्र दिए... हमारे पास छात्रों के बयान हैं कि उन्होंने लीक हुए प्रश्नपत्रों के बदले पैसे दिए... वाघमारे ने प्रश्नपत्र वितरित किए।”
आरोपी के वकील ने हालांकि जमानत की मांग करते हुए कहा कि उनकी 47 वर्षीय मुवक्किल एक प्रमाणित शिक्षा परामर्शदाता है और किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं है।
वकील ने दलील दी कि उसके घर से कोई नकदी बरामद नहीं हुई, न ही उनके जब्त किए गए दो मोबाइल फोन में कोई आपत्तिजनक सामग्री मिली, और वह चक्कर आने जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं।
वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में हैं।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) (नीट) को रद्द कर दिया।
पुनः परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है।
भाषा प्रशांत दिलीप
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