Breaking News

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव     |   जिमखाना क्लब केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा     |   महाराष्ट्र: बारिश से नए मुंबई-गोवा हाईवे में आई बड़ी दरार, यातायात रोका गया     |   उत्तराखंड: 24 घंटे में 16mm औसत बारिश, बागेश्वर में सबसे अधिक 73.4mm रिकॉर्ड वर्षा     |   गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती कार्यक्रम में होंगे शामिल     |  

सीयूईटी परिणामों की प्रतीक्षा के कारण डीयू स्नातक प्रवेश प्रक्रिया एक बार फिर अनिश्चित स्थिति में

नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय को एक बार फिर स्नातक प्रवेश प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि पंजीकरण शुरू करने से पहले वह कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) के परिणामों की घोषणा का इंतजार कर रहा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इससे शिक्षकों के बीच शैक्षणिक कैलेंडर में होने वाले उन व्यवधानों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं जो प्रवेश परीक्षा शुरू होने के बाद से बने हुए हैं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि प्रवेश के लिए पंजीकरण मई के तीसरे सप्ताह तक शुरू हो जाएगा।

प्रवेश विभाग के डीन हनीत गांधी के अनुसार, सीयूईटी-यूजी के परिणाम घोषित होने के बाद स्नातक प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

गांधी ने 'पीटीआई भाषा' को बताया, 'सीयूईटी-यूजी के परिणाम घोषित होने के बाद यूजी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हम शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में किसी भी अनावश्यक देरी से बचने के लिए एहतियात बरतेंगे और प्रवेश से पहले कम से कम चार सूची जारी होने की उम्मीद है।'

इस वर्ष सीयूईटी-यूजी परीक्षा के संचालन में आई नई बाधाओं के बाद यह देरी हुई है। 30 मई को परीक्षा तकनीकी खराबी से प्रभावित हुई, जिसके कारण राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को कार्यक्रम में संशोधन करना पड़ा और उन 3,700 से अधिक छात्रों के लिए एक बार फिर से परीक्षा आयोजित करनी पड़ी, जो परीक्षा फिर से शुरू होने से पहले परीक्षा केंद्रों से चले गए थे।

एनटीए ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि परीक्षा की संशोधित तिथियां छह और सात जून तय की गई हैं।

सीयूईटी-यूजी दिल्ली विश्वविद्यालय सहित अधिकतर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एकल प्रवेश परीक्षा होती है।

संकाय सदस्यों ने चिंता व्यक्त की है कि लंबी प्रवेश प्रक्रिया ने छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए अनिश्चितता पैदा कर दी है, साथ ही कक्षा में होने वाली पढ़ाई को भी प्रभावित किया है।

मिरांडा हाउस में भौतिकी की सहायक प्राध्यापक आभा देव हबीब ने कहा, 'छात्रों का इस समय एनटीए पर से भरोसा उठ चुका है। लेकिन इससे भी बड़ा मुद्दा प्रवेश में देरी और शैक्षणिक कैलेंडर पर इसका प्रभाव है।'

किरोड़ीमल कॉलेज में अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक रुद्राशीष चक्रवर्ती ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक कार्यक्रम पर नियंत्रण खो दिया है।

चक्रवर्ती ने कहा, 'सीयूईईटी ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता छीन ली है। पहले, हमारा एक निश्चित शैक्षणिक कैलेंडर था, प्रवेश समय पर पूरे होते थे और परीक्षाएं एक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती थीं और इस मामले में डीयू को एक आदर्श विश्वविद्यालय माना जाता था।'

भाषा

शुभम मनीषा

मनीषा