गंगटोक, पांच जून (भाषा) मेघालय की राजधानी शिलांग में आयोजित पूर्वोत्तर परिषद की 73वीं पूर्ण बैठक के दौरान सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य की प्रमुख विकास प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला, जिनमें जैविक कृषि, बुनियादी ढांचा, पर्यटन और कनेक्टिविटी शामिल हैं। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री और पूर्वोत्तर परिषद के अध्यक्ष अमित शाह ने की। इस बैठक में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यपालों और पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।
बयान के अनुसार, तमांग ने अपने संबोधन में कहा कि सिक्किम का विकास एजेंडा विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप है और जैविक खेती, शिक्षा, कौशल विकास, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), नवाचार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।
उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि मूल्य श्रृंखलाओं और बाजार संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और जैविक खेती की गति को बनाए रखने के लिए 'मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन' (एमओवीसीडीएनईआर) योजना को जारी रखने की मांग की।
इसमें यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने केंद्र से पूर्वोत्तर औद्योगिक और निवेश संवर्धन नीति (एनईआईआईपीपी) के लाभों को 2027 के बाद भी जारी रखने का अनुरोध किया ताकि इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश को बढावा मिल सके।
भाषा
शुभम मनीषा
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