ईटानगर, पांच जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ने घुसपैठ के मुद्दों की जांच करने, ‘इनर लाइन परमिट’ प्रणाली को मजबूत करने, अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्रों का पुनर्सत्यापन करने और मूल निवासी लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए चार उच्च स्तरीय समितियां गठित की हैं।
खांडू ने कहा कि स्थानीय मूल आदिवासी अधिकारों, अरुणाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजातियों, आईएलपी ढांचे और संबंधित विषयों से जुड़े मुद्दों पर उनकी अध्यक्षता में 27 मई और 29 मई को आयोजित परामर्श बैठकों में पारित किये गये प्रस्तावों के अनुरूप इन समितियों का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समितियों में अखिल भारतीय जनजातीय संघ (एआईटीएफ), अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (एएपीएसयू), अरुणाचल एसटी बचाओ आंदोलन समिति के प्रतिनिधि, कानूनी विशेषज्ञ, विद्वान और सरकारी अधिकारी हैं ताकि मुद्दों का समाधान करने में एक व्यापक और सहभागी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके।
एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि घुसपैठ और अवैध प्रवासियों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, सरकार ने पर्यावरण और वन मंत्री वांगकी लोवांग की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है।
इस समिति को अवैध प्रवासन पर अंकुश लगाने और संवैधानिक एवं कानूनी ढांचे के भीतर मौजूदा सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक और कानूनी उपायों का सुझाव देने का भी दायित्व सौंपा गया है।
‘इनर लाइन परमिट’ व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, सरकार ने कृषि और बागवानी मंत्री गैब्रियल डी वांगसू की अध्यक्षता में एक और समिति का गठन किया है।
इसी तरह अन्य समितियां भी गठित की गयी हैं।
भाषा
राजकुमार मनीषा
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