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राकांपा नेता तटकरे ने एमएलसी चुनाव में ‘खरीद-फरोख्त’ के राउत के आरोपों को खारिज किया

मुंबई, पांच जून (भाषा) राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शुक्रवार को शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत द्वारा लगाए गए उन आरोपों को ‘‘बेबुनियाद और मनगढ़ंत’’ बताते हुए खारिज कर दिया कि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में निर्विरोध जीत हासिल करने के लिए पैसों का लेन-देन हुआ।

राउत ने शुक्रवार सुबह ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि निर्विरोध चुनाव कराने के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन पत्र की वापसी का जो ‘‘नाटक’’ हुआ, उस पर ‘‘एक ही दिन में कम से कम 150 करोड़ रुपये खर्च हुए।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के ‘विधायक/प्रतिनिधि’ खुद ही बाजार में उतर आए और उन्होंने अपनी कीमत भी खुद तय कर ली। इसमें भारी मात्रा में धन का लेन-देन हुआ है।’’

महायुति इस महीने होने वाले विधान परिषद चुनाव में 17 में से पांच सीटें निर्विरोध जीतने की स्थिति में है, क्योंकि इन सीटों पर विपक्षी उम्मीदवारों ने बृहस्पतिवार को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि से पहले अपने नाम वापस ले लिए।

इन आरोपों पर संवाददाताओं से बात करते हुए तटकरे ने कहा, ‘‘विपक्षी उम्मीदवारों के चुनाव से हटने में पैसों के लेन-देन के आरोप निराधार, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना संजय राउत की आदत बन गई है।’’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं ने विधान परिषद चुनाव से पहले ही हार स्वीकार कर ली थी।

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी गठबंधन की जब भी बैठक होती थी, सीटों को लेकर हमेशा संघर्ष होता था। विपक्ष ने चुनाव से पहले ही मानसिक रूप से हार स्वीकार कर ली थी।’’

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप