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अपराधियों की 220 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू

जयपुर, चार जून (भाषा) राजस्थान पुलिस ने अपराधियों और संगठित अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिसके तहत उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि 220 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही शुरू की गई है।

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत राज्यभर में पहचाने गए 636 अपराधियों और उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू की गई है।

उन्होंने बताया कि अब तक 13 मामलों में करीब 32 करोड़ रुपये की संपत्तियां अदालत के आदेशों पर जब्त की जा चुकी हैं, जिनमें बूंदी जिले के एक मामले में लगभग 12 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है।

पुलिस ने 636 कुख्यात अपराधियों की सूची तैयार की है और 584 मामलों में विभिन्न अदालतों में चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए आवेदन दाखिल किए हैं।

अदालतों ने 182 मामलों में नोटिस जारी किए हैं।

संगठित अपराध के वित्तीय आधार को ध्वस्त करने के लिए समानांतर अभियान में अधिकारियों ने अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की है। एक जनवरी से 28 मई तक 39 कार्रवाइयां की गईं, जिनमें 35 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को ध्वस्त किया गया। झालावाड़ जिले में सबसे अधिक कार्रवाई की गई।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिस ने मादक पदार्थ की तस्करी के खिलाफ भी ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ (एएनटीएफ) के माध्यम से कार्रवाई तेज की है।

उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल तक 36 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई, जिनमें से 28 मामलों में करीब 33 करोड़ रुपये की संपत्तियों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुर्क करने की मंजूरी दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि नए कानूनी प्रावधानों का उद्देश्य केवल अपराधियों को जेल भेजना ही नहीं, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है, जिससे अपराधी गतिविधियां कमजोर हों।

पुलिस ने यह भी कहा कि कानून के तहत जब्त की गई संपत्तियां जिला प्रशासन के माध्यम से पीड़ितों को लौटाई जा सकती हैं, जिससे अपराध से प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार