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बिहार को इस महीने 200 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी

पटना, तीन जून (भाषा) बिहार सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (द्वितीय चरण) के तहत 200 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन जून माह से शुरू किया जाएगा।

राज्य मंत्रिमंडल ने छह मई को प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (द्वितीय चरण) के तहत 400 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए 517.16 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी।

परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (द्वितीय चरण) के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत छह शहरों में कुल 400 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 200 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन इसी माह से शुरू होगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छह प्रमुख शहरों में महिला यात्रियों के लिए 100 ‘पिंक बसों’ का परिचालन कर रही है। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग और आपात बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

राजकुमार ने कहा कि इन बसों के संचालन के लिए 100 महिला चालकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। पहले चरण में 22 महिला चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिला परिचालकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 31 आधुनिक बस टर्मिनल का विकास करेगी। साथ ही पहले चरण में 200 स्थानों पर ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईटीएमएस) नामक उन्नत प्रणाली लागू की जाएगी। इस प्रणाली का विस्तार 500 स्थानों तक किया जाएगा।

सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधित) नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर 12 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

इस साल 13 मई को स्वीकृत इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार राजमार्गों, पेट्रोल पंप, होटल, बस टर्मिनल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग अवसंरचना का विस्तार करेगी। नई नीति के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।

विभाग ने बताया कि सुरक्षित, तकनीक आधारित और नागरिक-अनुकूल परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजिटल परिवहन सेवाएं, भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) के माध्यम से ऑनलाइन ई-चालान भुगतान और चालक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

भाषा कैलाश

धीरज

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