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दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से शिशु का अपहरण; आरोपी महिला गिरफ्तार, बच्चा बरामद

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से एक महिला द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए छह महीने के शिशु को 30 घंटे के भीतर बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि 45-वर्षीय कंचन ने बच्चों के टीकाकरण में मदद करने वाली महिला बनकर बच्चे की मां से दोस्ती की और बाद में 31 मई को अस्पताल से शिशु का अपहरण कर लिया। उसे शिवाजी पार्क के पास एक इलाके से गिरफ्तार किया गया और बच्चे को बरामद कर लिया गया।

कंचन को 2007 में एम एस पार्क थाने में दर्ज अपहरण और हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह पैरोल पर जेल से बाहर आई थी, लेकिन इसकी अवधि पूरी होने के बाद कथित रूप से फरार हो गई और उसने आत्मसमर्पण नहीं किया। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर रह रही थी।

जांचकर्ताओं के अनुसार, सीलमपुर निवासी शिकायतकर्ता की मुलाकात घटना से कुछ दिन पहले आरोपी महिला से हुई थी, जब वह बच्चे के टीकाकरण में सहायता करने के बहाने उसके घर आई थी। वह इकत्तीस मई को आरोपी महिला और उसके छह महीने के बेटे को टीकाकरण के लिए जीटीबी अस्पताल ले गई थी।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) भवन पहुंचने के बाद, आरोपी ने मां का विश्वास जीता और औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद करने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि उसने सहायता करने के बहाने शिशु को अपने कब्जे में ले लिया और अस्पताल परिसर से फरार हो गई।

जीटीबी एन्क्लेव थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद बच्चे की तलाश के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गईं।

जांचकर्ताओं ने संदिग्ध का पता शिवाजी पार्क क्षेत्र में लगाया। विशिष्ट सूचना के आधार पर, पुलिस की एक टीम ने एक झुग्गी पर छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया।

पूछताछ के दौरान, महिला ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने नवंबर 2025 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दोनों बच्चों की मौत हो गई। उसने अपने पति और ससुराल वालों से उनकी मौत की बात छुपाई और लगातार दावा करती रही कि बच्चे जीवित हैं।

परिवार की ओर से बच्चों को घर वापस लाने का दबाव बढ़ने पर, उसे सच्चाई के सामने आने का डर सताने लगा और उसने कथित तौर पर अवैध रूप से एक बच्चे को हासिल करने का फैसला किया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने शिकायतकर्ता को निशाना बनाया और अपहरण की साजिश को अंजाम दिया।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश