Breaking News

MP में वही रहेगा जो एक शादी करेगा: सीएम मोहन यादव     |   चीन में भूस्खलन से कई घर दबे, 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया गया     |   ‘पंजाब में कट्टर बेईमान पार्टी की सरकार’, जालंधर की रैली में PM नरेंद्र मोदी ने कहा     |   अमेरिका जब तक हमले नहीं रोकेगा, तब तक ईरान-होर्मुज में शांति नहीं लौटेगी: IRGC     |   ‘गाजियाबाद विकास का सुशासन मॉडल, हर वर्ग तक डेवलपमेंट’, बोले CM योगी     |  

छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाएं: राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, तीन जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य की नदियों में हो रहे ‘‘अवैध’’ और ‘‘अनियमित’’ रेत खनन को लेकर बुधवार को चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।

डेका ने कहा कि अत्यधिक खुदाई से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है और इनके पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

एक सरकारी बयान के अनुसार यहां लोक भवन में हुई बैठक के दौरान राज्यपाल ने राज्य के खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी. दयानंद से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की और विभाग को अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बयान के अनुसार पर्यावरण और जल संसाधनों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए डेका ने कहा कि रेत विकास और अवसंरचना परियोजनाओं के लिए एक आवश्यक खनिज है, लेकिन इसका अंधाधुंध और अनियंत्रित दोहन गंभीर पारिस्थितिक क्षति का कारण बन रहा है।

उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन केवल वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और विनियमित तरीके से किया जाए ताकि विकास संबंधी आवश्यकताओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाये रखा जा सके।

अवैध खनन के प्रतिकूल प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि अत्यधिक खुदाई से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है और इनके पर्यावरणीय संतुलन पर बुरा असर पड़ रहा है।

विज्ञप्ति में राज्यपाल के हवाले से कहा गया है कि नदी-तल में खुदाई से इनकी जल-संग्रहण क्षमता कम हो रही है।

डेका ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों और प्रमुख झरनों की जल वहन क्षमता को संरक्षित करने और भूजल पुनर्भरण में सुधार के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी उपाय आवश्यक हो गए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को रेत खनन गतिविधियों से संबंधित वैज्ञानिक अध्ययन और सर्वेक्षण करने में शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने खनिज संसाधन विभाग को रेत के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चौबीसों घंटे निगरानी रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश