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प. बंगाल में ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरु; पहले चरण में 28.25 लाख महिलाओं को हर माह 3,000 रुपये मिलेंगे

(फोटो के साथ)

कोलकाता, तीन जून (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत की और घोषणा की कि पहले चरण में 28.25 लाख लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता मिलेगी।

यह योजना इस साल के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी। इस योजना ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की जगह ली है, जिसके तहत करीब 2.42 करोड़ महिलाओं को अधिकतम 1,500 रुपये प्रति माह मिलते थे।

योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछले तीन दिनों में 28.25 लाख महिलाओं के आवेदन का सत्यापन करके उन्हें संबंधित पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि आवदेन प्रक्रिया अगले तीन महीने तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जारी रहेगी और खंड विकास कार्यालयों, नगर निकाय कार्यालयों और नामित सरकारी केंद्रों पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

शुभेंदु ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से ही 3,000 रुपये की सहायता राशि देने का वादा पूरा किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि नए आवेदन स्वीकार किए जाते रहेंगे और सभी पात्र लाभार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे फॉर्म मिलते जाएंगे, उनका सत्यापन किया जाएगा तथा 3,000 रुपये लाभार्थियों के खातों में अंतरित किए जाएंगे। हमारा लक्ष्य है कि हर पात्र महिला को यह लाभ मिले।’’

नए सिरे से पंजीकरण प्रक्रिया का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि पता चला था कि विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची से स्थायी रूप से नाम हटाए जाने के बावजूद कई लोग लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेते रहे थे।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि लोगों का धन केवल पात्र भारतीय नागरिकों तक पहुंचे और किसी ‘‘गैर-भारतीय’’ को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने दिया जाएगा।

हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिनके मामले न्यायाधिकरणों में अपील के अधीन हैं और जिन हिंदू शरणार्थियों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है, वे भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और अपर्याप्त सत्यापन तंत्र का फायदा उठाकर अपात्र लाभार्थियों ने महिला कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘नयी आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं को रोकने के लिए शुरू की गई है।’’

मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन भी दिया कि जो लोग खुद नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते, जरूरत पड़ने पर सरकारी कर्मचारी घर जाकर उनकी मदद करेंगे। सरकार हर सात दिन में सत्यापित लाभार्थियों की संख्या और नए नामांकनों की नियमित जानकारी साझा करेगी।

मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि टीम घर-घर जाकर फॉर्म भरने में मदद करेंगी और अगर किसी की पात्रता रद्द की जाती है तो लोग आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन और ईमेल पता भी जारी किया है।

भाषा खारी जोहेब

जोहेब