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केरल के 12 जिलों में हृदयाघात इकाइयां बनेंगी तथा सभी जिला अस्पतालों में पुनर्वास केंद्र शुरू हुए:मंत्री

तिरुवनंतपुरम, तीन जून (भाषा) केरल के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने बुधवार को कहा कि सरकार राज्य के 12 जिलों में हृदयाघात इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है और सभी जिला अस्पतालों में हृदयाघात पुनर्वास केंद्र शुरू हो चुके हैं।

मुरलीधरन विधानसभा में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के विधायक ए के एम अशरफ द्वारा उठाए गए उस मुद्दे का जवाब दे रहे थे, जिसमें राज्य में कोविड महामारी के बाद विशेष रूप से युवाओं में हृदयाघात के मामलों में वृद्धि का जिक्र था।

अशरफ ने सदन का ध्यान युवाओं और बच्चों में हृदयाघात के बढ़ते मामलों की ओर दिलाया और कहा कि पहले यह स्थिति केवल 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों में ही देखी जाती थी।

मंजेश्वर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अशरफ ने कहा कि हृदयाघात के इलाज का खर्च बहुत अधिक है क्योंकि दवाइयां बहुत महंगी हैं।

अशरफ द्वारा उठाए गए मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए मुरलीधरन ने कहा कि सरकार हृदयाघात के मरीजों का तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है।

मंत्री ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में तो यह भी दावा किया गया है कि कोविड-19 ने भी इस बीमारी के मामलों में वृद्धि में योगदान दिया है, लेकिन इसकी पुष्टि वैज्ञानिक प्रयोगों और अध्ययनों के माध्यम से की जानी है।

हालांकि, उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकार राज्य के 12 जिलों में हृदयाघात इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है, सिवाय वायनाड और मलप्पुरम के, जहां यह सुविधा वहां के मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध कराई जा सकती है।

मंत्री जी ने कहा कि सभी जिला अस्पतालों में हृदयाघात पुनर्वास इकाइयां शुरू हो गई हैं।

भाषा राजकुमार रंजन

रंजन