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बंगाल: चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी पर अंडे और जूते फेंके

(तस्वीरों के साथ)

कोलकाता, 30 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार को कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने दुर्व्यवहार किया और उन पर अंडे, जूते तथा पत्थर फेंके गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद पर अज्ञात लोगों ने पत्थर, जूते और अंडे फेंके तथा उनको लात-घूंसे मारने की कोशिश भी की। इस दौरान उन्होंने ‘‘चोर-चोर’’ के नारे भी लगाए।

टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो में बनर्जी को पुलिस की सुरक्षा में इलाके से बाहर ले जाते हुए देखा गया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा के लिए हेलमेट पहना हुआ था और उनकी कमीज फटी हुई थी।

चुनाव बाद हुई हिंसा में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के परिवार से मुलाकात के दौरान बनर्जी ने कहा, ‘‘देखिए इन्होंने मेरे साथ क्या किया है। यह पूर्व नियोजित था। इलाके में पुलिस नहीं है। ये मुझे मारना चाहते हैं। जब तक स्थानीय पुलिस अपनी टीम नहीं भेजती और पीड़ितों के परिवारों को सुरक्षा प्रदान नहीं करती, मैं यहां से नहीं जाऊंगा।’’

स्थानीय महिलाएं झाड़ू और बांस के डंडे लेकर उस टीएमसी कार्यकर्ता के घर के बाहर एकत्र हो गईं, जहां बनर्जी पहुंचे थे। बनर्जी के आने का मकसद पूछते हुए उन्होंने उनके खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शनकारी महिलाओं में से एक ने कहा, ‘‘वह यहां क्यों आए हैं? जिसके घर वह आए हैं, वह भी चोर है। यह तो चोर का चोर से मिलने जैसा है।’’

वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी महिला ने सवाल किया, ‘‘अभया कांड के समय वह (अभिषेक) कहां थे? वह निर्भया के माता-पिता से कितनी बार मिले थे? हमें उनसे जवाब चाहिए।’’

इस बीच, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह घटना वर्षों से ‘‘उत्पीड़न’’ झेल रहे स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा हो सकती है।

भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा, ‘‘भाजपा ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है। लोकतंत्र में ऐसी घटना की उम्मीद नहीं की जा सकती।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं बता सकता कि पुलिस वहां क्यों नहीं थी, यह प्रशासन का मामला है। मैं पार्टी से हूं। टीएमसी ने इन वर्षों में हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जो किया है, उसका वर्णन नहीं किया जा सकता। हमें आज भी याद है कि उन्होंने रूपा गांगुली के साथ, दक्षिण 24 परगना जिले में हमारे नेताओं के साथ क्या किया था।’’

इस बीच, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय बलों की एक बड़ी टीम सोनारपुर थाने के कर्मियों के साथ, स्थिति को नियंत्रण में करने और बनर्जी को बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंची।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल