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पुणे जहरीली शराब मामला: भिवंडी के गोदाम से 5,929 किलोग्राम मेथनॉल जब्त

ठाणे, 30 मई (भाषा) महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने ठाणे जिले के उस गोदाम से 5,929 किलोग्राम विषाक्त मेथनॉल जब्त किया है जहां से पिंपरी चिंचवड और पुणे शहर में संदिग्ध जहरीली शराब की आपूर्ति करने वाले अवैध शराब कारोबारियों को इस रसायन की कथित तौर पर आपूर्ति की गई थी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पिंपरी चिंचवड और पुणे शहर में संदिग्ध नकली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि एफडीए की एक टीम ने शुक्रवार को भिवंडी स्थित रेक्स इंटरनेशनल के परिसर पर छापा मारा और उसे सील कर दिया। कंपनी विष अधिनियम के तहत जरूरी बही-खाते की प्रविष्टियां या अनिवार्य सत्यापन संबंधी जानकारी पेश करने में विफल रही।

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध जहरीली शराब पीने से पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि पुणे के हडपसर स्थित पांढरे मला क्षेत्र में चार अन्य लोगों की जान चली गई।

जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में करनैलसिंह तख्तसिंह विर्का (73), गुरमंगतसिंह करनैलसिंह विर्का (45), योगेश रामचंद्र वानखेड़े (23), राधेश्याम हरिराम प्रजापति (35), इंदरजीत कौर करनैलसिंह विर्का (60) और कल्पेश अग्रवाल (29) को गिरफ्तार किया।

एफडीए द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मात्र 30 रुपये में बेची जा रही घातक देसी शराब में रेक्स इंटरनेशनल से लाया गया औद्योगिक मेथनॉल मिलाया गया था।

जांच में पता चला कि एक आरोपी ने वानखेड़े से शराब खरीदी थी और वानखेड़े ने उरुली कांचन के रहने वाले प्रजापति से यह घातक पदार्थ हासिल किया था।

विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस को पता चला कि मेथनॉल घटक का सीधा संबंध रेक्स इंटरनेशनल के भंडार से है। कंपनी का कॉरपोरेट कार्यालय नवी मुंबई के वाशी में है और उसका गोदाम भिवंडी में स्थित है।

विज्ञप्ति के अनुसार, एफडीए टीम ने परिसर को सील कर दिया और बिना दस्तावेज वाले 5,929 किलोग्राम मेथनॉल के पूरे भंडार को जब्त कर लिया।

कंपनी के मालिक अरुण कुमार चौबे और अभिषेक असन कुमार चौबे को राज्य आबकारी विभाग पहले ही हिरासत में ले चुका है।

एफडीए के अनुसार, कंपनी खतरनाक पदार्थ की खरीद, भंडारण या वितरण से संबंधित लेन-देन से जुड़ा एक भी रिकॉर्ड या बही-खाते की प्रविष्टि पेश नहीं कर सकी।

एफडीए के बयान में कहा गया, ‘‘संगठन के पास विष अधिनियम के नियमों के तहत अनिवार्य सत्यापन संबंधी कोई जानकारी नहीं थी। बिना हिसाब-किताब वाले पूरे भंडार को तुरंत जब्त कर लिया गया ताकि भविष्य में इसके कारण कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हो।’’

कंपनी के मालिकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और एफडीए के ठाणे संभाग ने विष अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर कंपनी के संचालन लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भाषा सिम्मी पवनेश

पवनेश