मुंबई, 30 मई (भाषा) महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने मानसून पूर्व अपने वार्षिक सर्वेक्षण में मुंबई के द्वीप क्षेत्र में स्थित 82 इमारतों को 'बेहद खतरनाक' घोषित कर उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ये ऐसी चिह्नित इमारतें हैं जिनके रखरखाव के लिए विशेष उपकर लिया जाता है।
म्हाडा ने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि यह सर्वेक्षण उसके 'मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण बोर्ड' द्वारा किया गया था और इस सूची में ऐसी 43 इमारतें शामिल हैं जिन्हें पिछले साल भी 'बेहद खतरनाक' घोषित किया गया था।
प्राधिकरण ने बताया कि इन 82 इमारतों में कुल 2,736 लोग रह रहे हैं, जिनमें 2,256 आवासीय और 480 गैर-आवासीय किरायेदार और निवासी शामिल हैं।
म्हाडा के अनुसार, 176 आवासीय निवासियों को परिसर खाली करने के नोटिस पहले ही दिए जा चुके हैं, जिनमें से 29 किरायेदार प्राधिकरण के शिविरों में स्थानांतरित हो गए हैं, जबकि 36 ने अपने स्तर पर वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की है।
इसके अलावा, इन इमारतों के शेष किरायेदारों और निवासियों को भी परिसर खाली करने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
विज्ञप्ति में बताया गया कि शिविरों में 2,102 निवासियों के रहने की व्यवस्था करनी होगी और बोर्ड ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भाषा प्रचेता गोला
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